Chaibasa News : केयू : पीजी विभाग में 2800 विद्यार्थी छात्रावास में मात्र 40 बेड की सुविधा

काेल्हान विश्वविद्यालय के पीजी विभाग के 23 विषयों में दो सत्रों में लगभग 2800 विद्यार्थी हैं. उनके लिए दो छात्रावास (महिला व पुरुष) हैं.

चाईबासा.

काेल्हान विश्वविद्यालय के पीजी विभाग के 23 विषयों में दो सत्रों में लगभग 2800 विद्यार्थी हैं. उनके लिए दो छात्रावास (महिला व पुरुष) हैं. दोनों छात्रावास 50- 50 बेड के हैं. हालांकि, विडंबना है कि अबतक मात्र 20 छात्रा व 20 छात्र के लिए आवश्यक फर्नीचर उपलब्ध कराये गये हैं. इसके कारण बहरागोड़ा, घाटशिला, चांडिल, चक्रधरपुर, जगन्नाथपुर, नोवामुंडी, समेत आसपास के क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों को सुविधा नहीं पा रही है. इसका खामियाजा कई छात्राओं को भुगतना पड़ता है. कई छात्राएं रोजाना बसों में धक्के खाकर रोजाना पढ़ाई करने आते हैं. आसपास के क्षेत्र के विद्यार्थी अपनी साइकिल से पीजी की पढ़ाई के लिए आते हैं. वहीं दूरदराज क्षेत्र से आने वाले विद्यार्थियों को रोजाना अपने पॉकेट से लगभग 100 रुपये आने के लिए चुकाने होते हैं. कई विद्यार्थी शहर में किराये के मकान लेकर रह रहे हैं. इसके लिए अतिरिक्त रूप से उनको राशि चुकानी होती है. गरीब परिवार के बच्चों के लिए इस राशि को चुकाना बहुत कठिन होता है. गरीब परिवार के अभिभावक किसी भी तरह से अपने बच्चों को उच्चतर शिक्षा के लिए भेजते हैं. इस विषय पर विश्वविद्यालय प्रबंधन मौन है. पीजी छात्रावास के निर्माण के बाद से अब तक व्यवस्था नहीं सुधरी है.

नहीं हो पा रही उद्देश्य की पूर्ति

कोल्हान विश्वविद्यालय का गठन वर्ष 2009 में हुआ था. इसके बाद पीजी में पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों के लिए दो छात्रावासों का निर्माण कराया गया. संवेदना थी कि दूर दराज से आने वाले विद्यार्थियों को छात्रावास की सुविधा मिल सकेगी.

छात्रावास में कमरा के लिए परेशान रहते हैं विद्यार्थी

विश्वविद्यालय में दूर दराज से आने वाले विद्यार्थी कई बार छात्रावास में रहने के लिए आवेदन कर चुके हैं. अब तक विश्वविद्यालय प्रबंधन ने किसी तरह की पहल नहीं की है. इससे वे आक्रोशित व नाराज हैं. छात्राओं के अभिभावक अपनी बच्चियों के लिए अक्सर चिंतित रहते हैं. छात्रावासों में केवल बेड व अन्य कुछ फर्नीचर की सुविधा बहाल है. केयू की डेवलपमेंट कमेटी में इन दोनों छात्रावासों के वार्डन को सदस्य के रूप में रखा गया है.लंबे समय से विश्वविद्यालय में सीसीडीसी नहीं रहने की वजह से निर्णय नहीं लिया जा सका. पीजी के विद्यार्थियों की संख्या के अनुपात में आवश्यकतानुसार रहने की व्यवस्था बहाल होगी. जल्द रिव्यू कमेटी की बैठक होगी. उसमें फैसला हो सकेगा.

– डॉ. पी सियाल, कुलसचिव , केयू

रोजाना विद्यार्थियों के आने-जाने में बहुत परेशानी होती है. पैसों के खर्च के साथ समय भी गंवाना पड़ता है. छात्रावास में मुक्कमल व्यवस्था बहाल हो, ताकि पीजी में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को समुचित सुविधा मिल सके.

– मंजीत हांसदा, छात्र नेता , चाईबासा

पीजी छात्रावासों में विद्यार्थियों के लिए बेड के साथ अन्य सामग्री भी उपलब्ध करायी जाये. टेबल, कुर्सी पंखा आदि ताकि, वे सहज वातावरण में पढ़ाई कर सकें. बेड की संख्या नामांकित छात्रों के अनुपात में बढ़ाए जाने की जरूरत है.

पिपुन

बारिक, पूर्व छात्र नेता ,चाईबासा

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Author: AKASH

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