Chaibasa News : पढ़ाई के साथ खेलकूद पर भी ध्यान दें विद्यार्थी : प्राचार्या

मांगीलाल रुंगटा प्लस टू विद्यालय में शुक्रवार को राष्ट्रीय खेल दिवस का आयोजन किया गया. विद्यालय की प्रभारी प्राचार्या शिल्पा गुप्ता समेत सभी शिक्षकों ने हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद को श्रद्धांजलि दी.

चाईबासा.

मांगीलाल रुंगटा प्लस टू विद्यालय में शुक्रवार को राष्ट्रीय खेल दिवस का आयोजन किया गया. विद्यालय की प्रभारी प्राचार्या शिल्पा गुप्ता समेत सभी शिक्षकों ने हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद को श्रद्धांजलि दी. शिक्षक अटल कंडुलना ने मेजर ध्यानचंद की जीवनी पर प्रकाश डाला. प्राचार्या ने राष्ट्रीय खेल दिवस के बारे में बताया. उन्होंने कहा कि खेल से संपूर्ण शरीर तंदुरुस्त रहता है. शरीर में नयी उर्जा का संचार होता है.

खेल से विद्यार्थियों का शारीरिक और मानसिक विकास होता है. इस अवसर पर विद्यालय के कक्षा 10वीं के छात्र आकाश नंदी ने जिला स्तरीय भाषण प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया. मौके पर आकाश नंदी को मेडल पहनाकर सम्मानित किया गया. आकाश अब राज्य स्तर पर होने वाली प्रतियोगिता में 31 अगस्त को रांची में जिला का प्रतिनिधित्व करेंगे.

निकाली गयी प्रभातफेरी

राष्ट्रीय खेल दिवस पर विद्यालय परिवार की ओर से प्रभात फेरी निकाली गयी. वहीं विद्यालय स्तर पर छात्र व शिक्षकों के बीच रस्साकसी, क्रिकेट व म्यूजिकल चेयर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. छात्रों के बीच 400 व 800 मीटर की दौड़ का भी आयोजन किया गया.

खेलकूद से बढ़ता है विद्यार्थियों का आत्मविश्वास : डॉ अर्पित

चाईबासा.

महिला कॉलेज के बीएड सभागार में शुक्रवार को राष्ट्रीय खेल दिवस मनाया गया. प्रो मदन मोहन मिश्रा ने मेजर ध्यानचंद की जीवनी पर प्रकाश डाला. स्पोर्ट्स इंचार्ज डॉ राजीव लोचन नामता ने कहा, खेल दिवस भारत के महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की जयंती की याद में मनाया जाता है. ये हमें याद दिलाता है कि खेल जीवन का अभिन्न हिस्सा है. इससे हम शारीरिक, मानसिक व सामाजिक रूप से मजबूत होते हैं. मौके पर कॉलेज के सितेंद्र रंजन सिंह ने मेजर ध्यानचंद के हॉकी से संबंधित अनछुए पहलुओं के बारे में जानकारी दी. इस अवसर पर एनएसएस कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ अर्पित सुमन ने सभी छात्राओं को खेल के प्रति जागरूक रहने व उन्हें खेलने के लिए प्रेरित किया. डॉ सुमन ने कहा कि जो लड़कियां व महिलाएं खेलती हैं, उनमें आत्मविश्वास और आत्म-सम्मान का स्तर अधिक होता है. खेल मन, शरीर के साथ आत्मा को शुद्ध करता है. इससे अवसाद का स्तर कम होता है. खेलने से शारीरिक और मानसिक मजबूती मिलती है. मौके पर बीएड विभागाध्यक्ष मोबारक करीम हाशमी, डॉ पुष्पा कुमारी, धनंजय कुमार साथ ही प्रो सविता सुंडी, माधुरी खलखो और बीएड सेमेस्टर 2 और 3 की छात्राएं उपस्थित रहीं.

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Author: AKASH

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