Chaibasa News : मुर्गीपालकों के लिए ””””सोनाली”””” बनी वरदान

कृषि विज्ञान केंद्र रांची से प्रशिक्षण लेकर सौरभ ने बंदगांव में शुरू किया मुर्गी पालन

रवि मोहंती, चक्रधरपुर

मुर्गी पालकों के लिए सोनाली मुर्गी वरदान साबित हो रही है. बंदगांव प्रखंड के ओटार गांव निवासी सौरभ महतो सोनाली मुर्गीपालन से कर सालाना तीन लाख रुपये कमा रहा है. सौरभ महतो कृषि विज्ञान केंद्र रांची से प्रशिक्षण लेने के बाद मुर्गी पालन का व्यवसाय शुरू किया. सोनाली मुर्गी की यह प्रजाति सामान्य प्रजाति से अलग है. यह देशी मुर्गी की तरह दिखती है. इस प्रजाति में बीमारी भी कम होने से नुकसान की संभावना कम रहती है. इसकी पोल्ट्री फार्म बॉयलर मुर्गी की तरह होती है. देशी जैसी शक्ल व स्वाद की वजह से इसकी मांग काफी है. पोल्ट्री के मुकाबले कीमत भी अधिक मिलती है. इसमें रोग की संभावना कम होने से दवा का प्रयोग भी काफी कम होता है. इसका मूल्य भी बाजार में 350 से चार सौ रुपये प्रति किलो औसतन है. एक हजार चूजा पालने में 60 दिनों में एक लाख 10 हजार रुपये का खर्चा आता है. जो बिक्री होने पर करीब दोगुना से ज्यादा मुनाफा देता है. चक्रधरपुर एवं सोनुआ बाजार में इसकी बिक्री होती है. यह देशी मुर्गी की तुलना में अधिक अंडे देती है. इसका वजन भी अधिक होता है.

मालदा से आयी सोनाली चिकन ब्रीड

सोनाली चिकन ब्रीड पश्चिम बंगाल के मालदा जिले से आयी क्रॉस ब्रीड है. इसे देशी चिकन को क्रॉस करके बनाया गया है. यह चिकन ब्रीड पिछले 8-10 साल मे बहुत ज्यादा लोकप्रिय हो गयी है. बंदगांव प्रखंड के ओटार गांव में पिछले तीन साल से मुर्गी पालन किया जा रहा है. इस चिकन ब्रीड का रहने खाने का तरीका बिल्कुल देशी मुर्गियों की तरह होती है.

सोनाली मुर्गी की विशेषताएं

सोनाली मुर्गी का पालन आप मीट और अंडे दोनों के लिए कर सकते हैं. सोनाली मुर्गी बहुत मजबूत होती है. इसमें जल्दी कोई बीमारी नहीं लगती. इस वजह से इसकी मृत्यु दर बहुत कम देखने को मिलती है. बाजार में सोनाली मुर्गी बहुत अच्छी डिमांड है. इस कारण मार्केटिंग में कोई परेशानी नहीं होती है. सोनाली मुर्गी के चूजे बाजार में आसानी से उपलब्ध होजाते हैं. अन्य ब्रीड की अपेक्षा इसमें रोग काफी कम लगते हैं.

बेहतर आय के लिए मुर्गी पालन करें ग्रामीण : सौरभ

बंदगांव के ओटार गांव निवासी सौरभ महतो ने बताया कि शिक्षित बेरोजगार युवकों को हताश होने की जरूरत नहीं है. कम पैसे खर्च कर सोनाली मुर्गी पालन कर सकते हैं. इसके बाद सालाना लाखों रुपयों की आमदनी कर सकते हैं. मुर्गी पालन के साथ ढाई एकड़ में आम बागवानी भी की गयी है, ताकि आमदनी दोगुना हो सके. ग्रामीण क्षेत्र के किसान मेहनत तो करते हैं, लेकिन उन्हें मुनाफा नहीं मिलता है. इस कारण मुर्गी पालन के साथ-साथ अन्य खेती भी करें.

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