बच्चे नहीं करते देखभाल तो संपत्ति वापस ले सकते हैं बुजुर्ग, 15100 पर कॉल कर मिलेगी कानूनी मदद

वरिष्ठ नागरिक दिवस पर डालसा सचिव रवि चौधरी ने कहा, बच्चे देखभाल न करें तो बुजुर्ग कोर्ट में आवेदन कर संपत्ति वापस ले सकते हैं.

वरिष्ठ नागरिक दिवस पर शुक्रवार को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह डालसा अध्यक्ष मो शाकिर के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकार, चाईबासा द्वारा झींकपानी स्थित संचार वृद्धाश्रम और गोइलकेरा में विधिक जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया.

वृद्धजन समाज की धरोहर: सचिव

मौके पर प्राधिकार के सचिव रवि चौधरी ने कहा कि भारतीय संविधान में वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान और संरक्षण के लिए विशेष प्रावधान किये गये हैं. उन्होंने कहा कि माता-पिता और वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम 2007 के तहत बच्चे अगर देखभाल नहीं करते हैं तो वरिष्ठ नागरिक कोर्ट में भरण-पोषण और अपनी संपत्ति वापस लेने के लिए आवेदन दे सकते हैं. चौधरी ने कहा कि वृद्धजन समाज की धरोहर है. हमें उनका सम्मान करना चाहिए.

15100 पर कॉल कर कानूनी मदद ले सकते हैं वृद्धजन

उन्होंने कहा कि सभी वरिष्ठ नागरिकों को जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा निःशुल्क अधिवक्ता, कानूनी सलाह और अदालत में पैरवी की सुविधा दी जाती है. वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष हेल्पलाइन 15100 पर कॉल करके किसी भी कानूनी, स्वास्थ्य या उत्पीड़न संबंधी समस्या का समाधान पा सकते हैं.

कार्यक्रम में उपस्थित चिकित्सा पदाधिकारी ने भी वृद्धावस्था में स्वास्थ्य देखभाल और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं जैसे वृद्धा पेंशन, आयुष्मान भारत कार्ड के बारे में जानकारी दी. कार्यक्रम में प्राधिकार के द्वारा जिला प्रशासन की मदद से वृद्धजनों को बेडशीट, मच्छरदानी सहित आवश्यक सामग्रियों का वितरण किया गया और उनके भोजन की विशेष व्यवस्था भी की गयी.


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By Bhagirathi Mahato

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