Chaibasa News : पत्नी प्रताड़ित करती है, तो दर्ज करायें मुकदमा

प्रभात खबर लीगल काउंसेलिंग में चाईबासा न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता संतोष कुमार गुप्ता ने दिये सवालों के जवाब

चाईबासा.प्रभात खबर के नि:शुल्क कानूनी सलाह कार्यक्रम में शनिवार को चाईबासा बार के वरिष्ठ अधिवक्ता संतोष कुमार गुप्ता ने लोगों को फोन कॉल के माध्यम से कानूनी सलाह देते हुए समाधान की जानकारी दी. इसमें अधिकार मामले जमीन से संबंधित थे .

पाठकों के सवाल व जवाब

सवाल : महिलाएं पति के खिलाफ प्रताड़ना का मुकदमा दर्ज कराती हैं. यदि पुरुष महिला से प्रताड़ित हो तो क्या पति पत्नी पर मुकदमा दर्ज करा सकता है. अमीर मोअज्जम, चाईबासा बड़ी बाजारसलाह : जी हां, कानून में सबको बराबर का अधिकार है. यदि पत्नी प्रताड़ित करती हो तो पति न्यायालय की शरण में जा सकते हैं.

सवाल : मेरे नाना की जमीन मौजा दुगनी कोलडिपी पेट्रोल पंप के पास है. मेरा नाना को कोई वारिस नहीं है. मैं उनका अकेला नाती हूं. क्या उस जमीन पर मेरा अधिकार है. मधुसूदन श्रीवास्तव, सीनी

सलाह: यदि उनकी जमीन पर दूसरा कब्जा कर रहा है तो आप थाना में और सक्षम पदाधिकारी के समक्ष आवेदन देकर जमीन अधिग्रहण कर सकते हैं.सवाल : हमलोग छह भाई हैं. 2 गुजर चुके हैं. मैं दो नंबर पर हूं. टाइटल सूट न्यायालय में मामला लंबित है फैसला नहीं हुआ है. अर्जुन लाल साह मनोहरपुरसलाह: न्यायालय में यदि मामला लंबित है तो फैसला न्यायालय में जबतक नहीं होता है तबतक इंतजार करना होगा.

सवाल: सीओ कार्यालय में जमीन मापी के लिए पैसा भी जमा कर दिये पर अमीन नहीं आया. दो दिन हो गये. मनमोहन प्रधान चक्रधरपुर.

सलाह : पैसा जमा करने के पश्चात नोटिस जारी की जाती है, इसके बाद मापी की प्रक्रिया होती है. आपके केस में नोटिस जारी नहीं हुआ है, इसलिए अमीन मापी के लिए नहीं आये.सवाल : खतियान में एक व्यक्ति का नाम है. किंतु दूसरे व्यक्ति ने म्युटेशन करा लिया है क्या करना होगा. अशोक राय, सदर बाजार चाईबासासलाह: म्यूटेशन रद करने के लिए पहले सीओ ऑफिस में आवेदन देना होगा. यदि वहां से किसी तरह को कोई काम नहीं होता है तो आगे अपील कर सकते हैं.

सवाल: मेरे पिता ने अपना एक मकान किराया में दिया था. किरायेदार गुजर गया और उनका लड़का मकान खाली नहीं कर रहा. क्या करें. प्रवीण कुमार राय, चाईबासा

सलाह: मकान खाली कराने के लिए सक्षम न्यायालय में मुकदमा दाखिल कर सकते हैं.सवाल : बुजुर्ग माता-पिता अपने बच्चों से भरण पोषण पाने के लिए न्यायालय में मुकदमा कर सकते हैं. मनोहर प्रधान गोइलकेरासलाह: हां, बुजुर्ग माता-पिता भरण-पोषण के लिए दोनों कुटुंब न्यायालय में मुकदमा दर्ज करा सकते हैं.

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