Chaibasa News : कोयल नदी पुल पर रोज दौड़ रहे ओवरलोड वाहन, प्रशासन बेखबर

मनोहरपुर. पुल पर बने बड़े-बड़े गड्ढे, रेलिंग भी हुई क्षतिग्रस्त

ोलेबिरा-हाटगम्हरिया मुख्य मार्ग पर मनोहरपुर की कोयल नदी पर स्थित पुल के भविष्य पर प्रश्नचिह्न लगना शुरू हो गया है. इसके पीछे प्रशासनिक निष्क्रियता बतायी जा रही है. ऐसे में यदि पुल का अस्तित्व समाप्त हो जाये, तो कोई बड़ी बात नहीं होगी. यह समस्या इस मार्ग से चलने वाले ओवरलोड वाहनों के कारण उत्पन्न हो हुई है. पुल पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गये हैं. रेलिंग भी क्षतिग्रस्त हो गयी है. इससे कभी भी दुर्घटना घट सकती है.

वर्ष 1970 में बना था पुल

मनोहरपुर की कोयल नदी पर उक्त पुल का निर्माण बिहार सरकार के समय 1970 के दशक में ब्रिज कॉरपोरेशन विभाग द्वारा कराया गया था. इस पुल में कार्य करने वाले मनोहरपुर निवासी बबन सिंह के मुताबिक पुल की भार क्षमता 30 टन थी. इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. इस पुल से रोजाना 15-20 टन ओवरलोड सैकड़ों वाहन गुजर रहे हैं. ऐसे में प्रतिदिन क्षमता से लगभग 20 टन ज्यादा ओवरलोड चलने वाले वाहन से पुल की स्थिति अत्यंत दयनीय होती जा रही है. पुल की रेलिंग क्षतिग्रस्त हो गयी है. यह आने वाले समय में मनोहरपुर वासियों के लिए विकराल समस्या बन सकती है.

– यदि पुल की स्थिति दयनीय हो रही है, तो इसकी जांच करायी जायेगी. उन्होंने कहा कि अगले दिन इस मामले को दिखलाया जायेगा. वस्तुस्थिति के आधार पर आगे की कार्रवाई की जायेगी. – चंदन कुमार, उपायुक्त, पश्चिमी सिंहभूम

क्या कहते हैं लोग

– झारखंड नंबर की गाड़ियां गाड़ी के वजन के अलावा 20 से 22 टन माल लेकर परिचालन कर सकती है, जबकि ओडिशा नंबर की गाड़ियों में इसमें थोड़ा बहुत इजाफा हो सकता है. उन्होंने कहा कि 50 से 65 टन का ग्रॉस वेट लेकर चलने वाली गाड़ियां सरासर गलत और ओवरलोड है. प्रशासन को ऐसी गाड़ियों के विरुद्ध कार्रवाई करनी चाहिए. पुल पर ओवरलोड वाहनों पर रोक जरूरी है.

-आशीष राय, ट्रांसपोर्टर

– लोगों को पुल को बचाने की दिशा में प्रयास करने की जरूरत है. साथ ही प्रशासन को ओवरलोड गाड़ियों के परिचालन पर रोक लगानी चाहिए. प्रशासन समय रहते इस पर ध्यान नहीं दे रहा है. पुल की हालत जर्जर होते जा रहा है. पुल पर ओवरलोड वाहनों पर रोक जरूरी है. स्थानीय लोगों को भी इस पर ध्यान देने की जरूरत है. स्थानीय लोगों को पुल की सुरक्षा के लिए पहल करने की जरूरत है.

– रामाकांत बाजपेयी, मनोहरपुर

स्थानीय गाड़ियां अंडरलोड ही चलती हैं. बाहर से आने वाली गाड़ियों का चालान और वेट की जांच की जाये, तो दर्जनों गाड़ियां प्रशासन की जद में होगी. स्थानीय लोगों की पुल की रक्षा के लिए कदम उठाना चाहिए. पुल की रेलिंग क्षतिग्रस्त हो गयी है. यह आने वाले समय में मनोहरपुर वासियों के लिए विकराल समस्या बन सकती है. स्थानीय लोग भी इस समस्या पर ध्यान दें.

– शशिभूषण महतो, सेवानिवृत्त शिक्षक

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Author: ATUL PATHAK

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