सुहागिनों ने रखा 24 घंटे का निर्जला व्रत, मंदिरों में गूंजे जयकारे, जानें क्या है मान्यता

चक्रधरपुर में हरितालिका तीज का पावन पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया. महिलाओं ने अखंड सुहाग और पति की दीर्घायु के लिए 24 घंटे का कठिन निर्जला उपवास रखा. देवालयों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी.

चक्रधरपुर : चक्रधरपुर में सोमवार को हरितालिका तीज का पावन पर्व पूरी श्रद्धा, अटूट आस्था और उल्लास के साथ मनाया गया. अखंड सुहाग, दांपत्य जीवन की सुख-शांति और पति की दीर्घायु की मंगलकामना को लेकर सुहागिन महिलाओं ने 24 घंटे का कठिन निर्जला उपवास रखा. महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार देवाधिदेव महादेव और माता पार्वती की आराधना की.

ये है धार्मिक मान्यता

धार्मिक मान्यता के अनुसार, माता पार्वती ने भगवान शिव को वर रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी. इसी अटूट निष्ठा की स्मृति में सुहागिन महिलाएं यह कठिन व्रत करती हैं. व्रतियों ने भगवान भोलेनाथ व मां पार्वती से परिवार की खुशहाली और पति के दीर्घायु होने का आशीर्वाद मांगा.

देवालयों में उमड़ी भीड़

पर्व को लेकर चक्रधरपुर के बाटा रोड स्थित हनुमान मंदिर, न्यू बस स्टैंड हनुमान मंदिर, टाउन काली मंदिर सहित टोकलो रोड, पुराना रांची रोड और झुमका मोहल्ला के विभिन्न देवालयों में सुबह से ही भारी भीड़ उमड़ी रही. पुरोहितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ सामूहिक पूजन संपन्न कराया.. वहीं, बड़ी संख्या में महिलाओं ने अपने घरों में भी विधि-विधान से पूजा की. सोलह शृंगार कर महिलाओं ने फल, मिठाई और पारंपरिक पकवानों से सजी पूजा की डालिया अर्पित की. पूरे दिन शहर का माहौल भक्तिमय भजनों व जयकारों से गुंजायमान रहा.

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लेखक के बारे में

By शीन अनवर

शीन अनवर वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में स्नातक एवं स्नातकोत्तर तथा बी एड किया है. राजनीति, धर्म, शिक्षा के क्षेत्र में इन्होंने लंबा काम किया है. डिजिटल जर्नलिज्म में 5 साल का अनुभव है.

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