Chaibasa News : प्रयोगशाला में तकनीशियन नहीं साइंस-आर्ट्स में शिक्षकों की कमी

चिंताजनक. सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस स्काउट बालिका उच्च विद्यालय का हाल

चाईबासा.

झारखंड सरकार की महत्वपूर्ण योजना सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस पश्चिमी सिंहभूम में अबतक प्रभावी नहीं हो सकी है. जिले के सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस स्काउट बालिका प्लस टू उच्च विद्यालय में साइंस की पढ़ाई के लिए प्रयोगशाला बनायी गयी. हालांकि, लैब टेक्नीशियन बहाल नहीं किये गये हैं. वहीं, बॉयोलोजी, भौतिकी व रसायन के शिक्षक नहीं हैं. ऐसे में करोड़ों खर्च के बाद भी बच्चियों को समुचित शिक्षा नहीं मिल रही है. विद्यालय की बच्चियों की परीक्षा सीबीएसई बोर्ड से फरवरी में होगी. साइंस के कुछ शिक्षकों को अन्य विद्यालयाें से कुछ दिनों के लिए डेपुटेशन पर बहाल कर किसी तरह काम चलाया जा रहा है.

वर्ष 2023 में चार विद्यालयों को किया गया था विकसित

जिला में वर्ष 2023 में चार विद्यालयों को उत्कृष्ट बनाते हुए उन्हें सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस का दर्जा दिया गया. इसमें चाईबासा के स्काउट बालिका उवि, जिला स्कूल उवि, कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका उवि और तांतनगर के उच्च विद्यालय शामिल हैं.

साइंस की स्थिति चिंताजनक

सरकार ने विद्यालय में बॉयोलोजी, भौतिकी व रसायन के लिए प्रयोगशाला बनवायी है. इन विषयों के शिक्षक विद्यालय में नहीं हैं. लैबोरेट्री के लिए टेक्नीशियन भी नहीं है. परीक्षा के समय किसी तरह जोड़-घटाव कर कमी को पूरी करने की कवायद की जाती है.

कई विषयों के शिक्षक नहीं

सरकारी की महत्वपूर्ण पहल में शिक्षकों की कमी बाधक बन रही है. प्लस टू साइंस में केवल गणित के स्थायी शिक्षक हैं. आर्ट्स में हिन्दी एवं इंग्लिश के शिक्षक हैं. कॉमर्स में शिक्षक हैं. विद्यालय में इतिहास, राजनीति विज्ञान, भूगोल, कंप्यूटर साइंस व अर्थशास्त्र विषय के शिक्षक नहीं हैं. शिक्षा विभाग डेपुटेशन पर शिक्षकों का रखकर किसी तरह काम चला रहा है.

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Author: AKASH

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