चाईबासा | राज्य में जेपीएससी, जेएसएससी व सीजीएल परीक्षा में हुई धांधली को लेकर बुधवार को कोल्हान विश्वविद्यालय के गेट के पास झारखंड पुनरुथान अभियान स्टूडेंट्स विंग ने प्रदर्शन किया. इसकी अध्यक्षता और संचालन अभियान स्टूडेंट्स विंग के जिला अध्यक्ष समीर हेंब्रम ने किया. अभियान स्टूडेंट्स विंग के मेंटर बासिल हेंब्रम ने कहा - राज्य बनने के 25 वर्षों में जिस प्रकार से जेपीएससी, जेएसएससी सीजेएल परीक्षा में धांधली हुई है यह झारखंड के विद्यार्थियों के लिए निराशाजनक है.
राजपत्रित पदों की नियुक्ति में नहीं दिखी पारदर्शिता : केंद्रीय अध्यक्ष
केंद्रीय अध्यक्ष अरिल सिंकू ने कहा - झारखंड बनने के बाद संविधान के अनुच्छेद 315 के तहत झारखंड लोक सेवा आयोग का गठन 2001 में कर लिया गया. अब तक लगभग आयोग के 15 अध्यक्ष नियुक्त भी किए गए. इसमें से 10 नियमित और 5 कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त हुए. उसी प्रकार से झारखंड सरकार ने अराजपत्रित पदों की नियुक्ति प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए झारखंड कर्मचारी चयन आयोग अधिनियम के तहत कर्मचारी चयन आयोग का भी गठन किया. लेकिन न तो राजपत्रित पदों की नियुक्ति प्रक्रिया में जवाबदेह और पारदर्शिता देखी गई और न ही अराजपत्रित पदों की नियुक्ति प्रक्रिया में. दोनों ही परीक्षा में धांधली ही धांधली देखी जा रही है.
सीएम के नाम केयू के कुलपति को सौंपा मांग पत्र
धरना के बाद एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के नाम कोल्हान विश्वविद्यालय (केयू) के कुलपति को मांग पत्र सौंपा. अभियान की मांग की है कि सरकार आयोग को ही भंग कर फिर से पुनर्गठन करने का कार्य सुनिश्चित करें. मौके पर केंद्रीय महासचिव अमृत माझी, महिला उत्थान समिति के जिला अध्यक्ष आशा पूर्ति, अभियान जिला उपाध्यक्ष विकास केराई, विशाल गुड़िया, खूंटकट्टी रैयत रक्षा समिति के अध्यक्ष बलभद्र सवैंया, सचिव केदारनाथ कालुंडिया, कांग्रेस इंटक जिला अध्यक्ष सुरेश सवैंया, कांग्रेस जिला प्रवक्ता त्रिशानु राय आदि मौजूद थे.
