Jharkhand Naxal Encounter: झारखंड के सारंडा में सुरक्षाबलों का बड़ा ऑपरेशन, एक महिला समेत 4.49 करोड़ के इनामी 13 नक्सली ढेर

Jharkhand Naxal Encounter: झारखंड के सारंडा जंगल में ऑपरेशन मेघाबुरू के तहत सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई, जिसमें एक महिला समेत 13 इनामी नक्सली मारे गए. इन पर कुल 4.49 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था. पश्चिमी सिंहभूम के छोरानागरा-करीबुरू इलाके में 37 घंटे तक चले इस ऑपरेशन में टॉप कमांडर रापा मुंडा भी मारा गया. नीचें पढ़ें सुरक्षा बलों की पूरी कार्रवाई, नाकेबंदी और सर्च ऑपरेशन का अपडेट...

Jharkhand Naxal Encounter: झारखंड के सारंडा जंगल एक बार फिर गोलियों की गूंज से दहल उठा. पश्चिमी सिंहभूम जिले के छोरानागरा और करीबुरू थाना क्षेत्र के कुमडी समेत बहादा जंगल में चल रहे ऑपरेशन मेघाबुरू के तहत सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई. इस मुठभेड़ में 13 नक्सली मारे गए. इन पर 4.49 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था. मारे गए नक्सलियों में एक महिला नक्सली भी शामिल है.

37 घंटे से ज्यादा चला सर्च और एनकाउंटर

पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सारंडा के जंगलों में सुरक्षा बलों के ऑपरेशन मेघाबुरू के तहत यह मुठभेड़ करीब 37 घंटे तक चली. लगातार फायरिंग से सारंडा का इलाका पूरी तरह थर्रा उठा. सुरक्षाबलों के मुताबिक, जंगल में नक्सलियों का बड़ा दस्ता मौजूद था. गुरुवार को हुई मुठभेड़ के बाद 15 नक्सलियों के शव बरामद किए गए थे. इसके बाद इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया, जो शुक्रवार सुबह तक जारी रहा.

ढेर महिला नक्सली पर था दो लाख का इनाम

शुक्रवार सुबह चली कार्रवाई में माओवादी दस्ते की सदस्य महिला नक्सली मुवति होनहांगा मारी गई. उस पर दो लाख रुपये का इनाम घोषित था. घटना की पुष्टि सीआरपीएफ के आईजी साकेत कुमार सिंह और एसआरपीएफ के आईजी अनूप बिरथरे ने की है. अधिकारियों के मुताबिक, मुठभेड़ स्थल से हथियार और नक्सली सामग्री भी बरामद की गई है.

टॉप कमांडर रापा मुंडा भी ढेर

इससे पहले गुरुवार को हुई मुठभेड़ के बाद सुरक्षाबलों ने जिन शवों को बरामद किया था, उनमें जोनल कमांडर रापा उर्फ पॉवेल उर्फ रापा मुंडा भी शामिल था. रापा पर झारखंड सरकार की ओर से 10 लाख और ओडिशा सरकार की ओर से 25 लाख रुपये का इनाम घोषित था. रापा मुंडा अप्रैल 2025 में हुए उस आईईडी ब्लास्ट में शामिल था, जिसमें झारखंड जगुआर का एक जवान शहीद हुआ था. इस हमले में कोबरा का एक जवान गंभीर रूप से घायल हुआ था. वह ओडिशा-झारखंड सीमा क्षेत्र के रोपकोय गांव का रहने वाला था.

शवों को लाने के लिए छह ट्रैक्टर और मजिस्ट्रेट तैनात

गुरुवार की मुठभेड़ के बाद शवों का पंचनामा और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के लिए प्रशासन ने बड़े स्तर पर तैयारी की. करीब आठ से अधिक बीडीओ और सीओ को बतौर मजिस्ट्रेट प्रतिनियुक्त किया गया. शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे टीम घटनास्थल के लिए रवाना हुई, लेकिन फायरिंग जारी रहने के कारण दोपहर में उन्हें लौटना पड़ा. शाम करीब 4:45 बजे जब फायरिंग थमी, तब छह ट्रैक्टरों के साथ टीम दोबारा जंगल में दाखिल हुई और शवों को बाहर लाने की कार्रवाई शुरू हुई.

नाकेबंदी से गांवों का संपर्क कटा

मुठभेड़ वाली जगह तक किसी की पहुंच को रोकने के लिए कुमडीह और सेडल नाका पर पुलिस ने कड़ी नाकेबंदी कर रखी है. इस रास्ते से ग्रामीणों की आवाजाही पूरी तरह बंद है. इलाके के गांवों में करीब 20 परिवार रहते हैं, जो लगातार हो रही फायरिंग के कारण घरों में दुबके रहे. सेडल गेट से लेकर घटनास्थल तक आम लोगों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया.

जंगल में 20 से ज्यादा नक्सली, कुछ अब भी फरार

सुरक्षाबलों के अनुसार, मुठभेड़ स्थल पर नक्सलियों के दस्ते में करीब 20 से ज्यादा नक्सली मौजूद थे. इसमें माओवादी पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा और केंद्रीय कमेटी सदस्य असीम मंडल भी शामिल बताए जा रहे हैं. लगातार फायरिंग जारी रहने के कारण आशंका जताई जा रही है कि मारे गए नक्सलियों की संख्या इससे अधिक भी हो सकती है. कुछ हार्डकोर नक्सली अब भी जंगल में छिपे हो सकते हैं.

सुरक्षा बलों का हार्डकोर नक्सलियों पर फोकस

माओवादी केंद्रीय कमेटी सदस्य और 2.35 करोड़ के इनामी अनल उर्फ तूराम समेत कई टॉप नक्सलियों के मारे जाने के बाद सुरक्षाबलों का हौसला काफी बढ़ा है. अब सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर एक करोड़ के इनामी मिसिर बेसरा उर्फ भास्कर, असीम मंडल उर्फ आकाश, अजय महतो, मोछू उर्फ मेहनत, मदन महतो और संजय महतो जैसे हार्डकोर नक्सली हैं.

10 महीनों में तीन करोड़िया इनामी नक्सली ढेर

पिछले 10 महीनों में नक्सलियों को यह तीसरा बड़ा झटका लगा है. अप्रैल 2025 में बोकारो के लुगूबुरू पहाड़ में एक करोड़ के इनामी प्याग मांझी समेत आठ नक्सली मारे गए. सितंबर 2025 में हजारीबाग में सहदेव सोरेन उर्फ प्रवेश समेत तीन इनामी नक्सली ढेर हुए. अब जनवरी 2026 में सारंडा ऑपरेशन में एक साथ कई बड़े नक्सलियों का सफाया हुआ है.

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31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद खत्म करने का टारगेट

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पहले ही एलान कर चुके हैं कि 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद खत्म किया जाएगा. सारंडा में हुई यह कार्रवाई उसी रणनीति का बड़ा हिस्सा मानी जा रही है. सुरक्षाबलों के मुताबिक, ऑपरेशन अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है और जंगल में सर्च अभियान जारी रहेगा.

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By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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