Chaibasa News : दाखिल-खारिज के लंबित मामले एक सप्ताह में निपटायें : डीसी
समाहरणालय में उपायुक्त ने राजस्व व भू-अर्जन कार्यों की समीक्षा की
By ATUL PATHAK | Updated at :
चाईबासा. समाहरणालय सभागार में उपायुक्त चंदन कुमार की अध्यक्षता में शुक्रवार को राजस्व और भू-अर्जन कार्यों की समीक्षा बैठक हुई. डीसी ने राजस्व संग्रहण में ढिलाई और फाइलों को लंबित रखने वाले अधिकारियों को फटकार लगाते हुए समय-सीमा निर्धारित कर दी है. डीसी ने सभी अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया कि उनके कार्यालयों में 90 दिन से अधिक लंबित दाखिल-खारिज के सभी मामलों का निष्पादन आगामी एक सप्ताह के भीतर सुनिश्चित करें. जिले में अब तक 72.81% लगान संग्रहण हुआ है. डीसी ने निर्देश दिया कि जहां भी राशि बकाया है, संबंधित लोगों को तत्काल नोटिस जारी किया जाये. लंबित लीज नवीकरण के मामलों को लेकर डीसी ने सदर चाईबासा, हाटगम्हरिया, जगन्नाथपुर, नोवामुंडी और झींकपानी में लंबित 1461 आवेदनों के लिए 6 से 11 अप्रैल तक अनुमंडल स्तर पर विशेष कैंप लगाने का निर्देश दिया.
मुआवजा भुगतान में लापरवाही पर शोकॉज :
रेलवे ओवरब्रिज और सड़क निर्माण के लिए भू-अर्जन की समीक्षा के दौरान एनएच डिवीजन की कार्यशैली पर डीसी ने नाराजगी जतायी. बार-बार पत्राचार के बावजूद हितबद्ध व्यक्तियों का मुआवजा वाउचर जमा नहीं करने पर राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता से स्पष्टीकरण मांगा गया है. सहायक और कनीय अभियंताओं को सभी ओवरब्रिज निर्माण की प्रगति रिपोर्ट तत्काल उपलब्ध कराने को कहा गया है. बैठक में अपर उपायुक्त प्रवीण केरकेट्टा, जिला भू अर्जन पदाधिकारी लिली एनोला लकड़ा, सभी अनुमंडल पदाधिकारी, भूमि सुधार उपसमाहर्ता, सहायक समाहर्ता, जिला स्तरीय पदाधिकारी, संलग्न कार्यपालक अभियंता, कार्यपालक पदाधिकारी, अवर निबंधक, सभी अंचल अधिकारी सहित अन्य उपस्थित थे.
रिक्त पदों पर मानकी-मुंडा की नियुक्ति के लिए शिड्यूल जारी करें
मानकी-मुंडा के रिक्त पदों पर नियुक्ति के लिए 10 मार्च तक ग्रामसभा का शेड्यूल जारी करने का आदेश दिया है. उपायुक्त द्वारा अंचल वार मानकी-मुंडा नियुक्ति की स्थिति का अवलोकन करते हुए रिक्त स्थानों पर यथाशीघ्र नियुक्ति के लिए 10 मार्च तक ग्रामसभा का शेड्यूल बनाकर जारी करते हुए जिला कार्यालय को सूचित करने का निर्देश दिया गया. साथ ही बैठक में गैर विभागीय राजस्व संग्रहण के कार्यों की समीक्षा के दौरान जिला में खनन विभाग, उत्पाद विभाग, राज्य कर कार्यालय, अवर निबंधन कार्यालय- चाईबासा, चक्रधरपुर, जिला परिवहन कार्यालय, विद्युत आपूर्ति प्रमंडल चाईबासा,चक्रधरपुर, जिला मत्स्य कार्यालय, नगर परिषद कार्यालय चाईबासा,चक्रधरपुर, नाप-तौल विभाग आदि के माध्यम से प्राप्त राजस्व से संबंधित प्रतिवेदन का क्रमवार अवलोकन किया गया.