तांतनगर.
तांतनगर ओपी क्षेत्र के खेड़ियाटांगर गांव में एक पिता ने अपनी ही 6 वर्षीय मासूम बेटी की लाठी से पीट-पीटकर बेरहमी से हत्या कर दी. इस घटना के बाद से पूरे इलाके में सनसनी फैल गयी है. घटना शनिवार रात करीब आठ बजे की है. घटना की सूचना मिलते ही तांतनगर ओपी प्रभारी सुनील कुमार दल-बल के साथ खेड़िया टांगर गांव पहुंचे. पुलिस ने ग्रामीणों के कब्जे से आरोपी लालसिंह पूरती को गिरफ्तार कर लिया. यहां उससे पूछताछ की जा रही है. रविवार को पुलिस ने बच्ची के शव का पोस्टमार्टम कराकर उसे परिजनों को सौंप दिया है. पत्नी के बयान पर लालसिंह पूरती के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है. मृतका की मां का रो-रोकर बुरा हाल है.पत्नी ने आराम करने की सलाह दी, तो भड़का पति
जानकारी के अनुसार आरोपी पिता लालसिंह पूरती शनिवार शाम को जब घर लौटा, तो वह काफी असहज दिख रहा था. वह घर के अंदर इधर-उधर घूम रहा था. उसकी पत्नी पूनम पूरती ने जब देखा कि उसकी तबीयत ठीक नहीं है, तो उसने में कहा कि जब तुम्हारी तबीयत ठीक नहीं है, तो जाकर सो क्यों नहीं जाते. पत्नी की यह सलाह सुनते ही लालसिंह अचानक आगबबूला हो गया और पत्नी के साथ झगड़ा करने लगा. इसके बाद पति ने आवेश में आकर घर के अंदर से लाठी निकाल लाया. लाठी हाथ में लेते ही आरोपी ने अपनी पत्नी और बच्चों पर हमला करने के लिए दौड़ाया. उसने सबसे पहले अपने बेटे पर वार किया, लेकिन बेटा बाल-बाल बच गया. खतरे को भांपते हुए पूनम पूरती अपने तीनों बच्चों को समेटकर तुरंत घर से बाहर भाग गयी. पत्नी का कहना है कि अगर वे लोग समय रहते घर से बाहर नहीं भागते, तो वह सभी को जान से मार डालता.खाट पर सो रही मासूम को मौत के घाट उतारा
जब सब लोग घर से बाहर भाग गये, तब घर के अंदर खटिया पर 6 वर्षीय सोनिया पुरती सो रही थी. सनकी पिता ने उस सोती हुई मासूम बच्ची पर लाठी से ताबड़तोड़ वार करना शुरू कर दिया. घर के अंदर से आ रही चीख-पुकार और शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर इकट्ठा हो गए. ग्रामीणों ने सूझबूझ और हिम्मत दिखाते हुए आरोपी लालसिंह को पकड़ लिया और पेड़ के सहारे रस्सी से बांध दिया. आरोपी को ग्रामीणों ने रातभर पेड़ से बांधे रखा.
अस्पताल पहुंचने से पहले ही बच्ची की हो गयी मौत
देर रात ग्रामीण और परिजन खून से लथपथ बच्ची को इलाज के लिए तुरंत सदर अस्पताल चाईबासा लेकर पहुंचे. तब तक काफी देर हो चुकी थी. अस्पताल के डॉक्टरों ने जांच के बाद बच्ची सोनिया पुरती को मृत घोषित कर दिया. इस साल बच्ची का स्कूल में दाखिला कराया जाना था, लेकिन पिता की आर्थिक और मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण उसका दाखिला नहीं हो पाया था. मृतका अपनी चार बहनों में सबसे छोटी थी.कुछ दिनों से मानसिक तनाव में था आरोपी
पत्नी पूनम पूरती ने पुलिस को बताया कि उसके पति की दिमागी हालत पिछले तीन-चार दिनों से ठीक नहीं थी. वह ढंग से खाना भी नहीं खा रहा था और लगातार कमजोरी की शिकायत कर रहा था. जिसके चलते उसे कोई काम भी नहीं करने दिया जा रहा था. पुलिस फिलहाल आरोपी की मानसिक स्थिति और घटना के अन्य पहलुओं की जांच कर रही है.
