जैंतगढ़ : बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के कारण क्षेत्र में पिछले चार दिनों से हो रही चक्रवातीय मूसलाधार बारिश से जैंतगढ़ और इसके आसपास के चंपुआ समेत कई इलाकों में जनजीवन पूरी तरह बेपटरी हो गया है. शुक्रवार शाम 4 बजे से शुरू हुई झमाझम बारिश बिना रुके सोमवार तक लगातार बरसती रही. इस 96 घंटे की अनवरत बारिश के दौरान 253 मिमी वर्षा दर्ज की गयी. इसके कारण सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा.
भारी बारिश से कई गांवों का संपर्क कटा
जलनिकासी की व्यवस्था नहीं होने के कारण जैंतगढ़ के नया बाजार समेत कई निचले इलाकों की सड़कें नालों में तब्दील हो चुकी हैं. विधायक फंड से सड़कें तो बना दी गयीं, लेकिन नाली का निर्माण नहीं होने से बारिश का सारा पानी सीधा लोगों के घरों और दुकानों में घुस रहा है. साथ ही पुल व सड़कें डूबने से कई गांवों का संपर्क पूरी तरह टूट चुका है.
धूप के अभाव में बर्बाद हो रही फसलें
15 दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण सूर्यदेव के दर्शन दुर्लभ हो गये हैं. इस मूसलाधार बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी है. सब्जियों में कीड़े लगने लगे हैं. इससे भिंडी, गोभी, टमाटर के बाद अब धान के पौधों में भी कीड़े लगने शुरू हो गये हैं. धूप के अभाव में किसानों की अच्छी-खासी फसल बर्बाद हो रही है. भारी बारिश के कारण खेतों में डाला गया कीमती खाद भी पानी के साथ बह गयी है.
