गुवा : स्थानीय युवाओं को रोजगार देने और पूर्व में हुए लिखित समझौते को धरातल पर लागू कराने की मांग को लेकर सारंडा एक बार फिर आंदोलन की आग में तपने लगा है. सारंडा विकास समिति (जामकुंडिया-दुइया) के बैनर तले सोमवार सुबह ग्रामीणों, पारंपरिक हथियारों से लैस मुंडाओं और बेरोजगार युवाओं ने सेल की गुवा खदान के रांजाबुरु क्षेत्र में अनिश्चितकालीन चक्का जाम शुरू कर दिया. ग्रामीणों ने स्क्रीनिंग मशीन समेत खदान संचालन क्षेत्रों को घेर लिया है. इससे लौह अयस्क का उत्पादन, माल ढुलाई और डिस्पैच पूरी तरह प्रभावित हो गया है.
समझौते को जमीन पर लागू करे प्रबंधन: राजू
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे गंगदा पंचायत के मुखिया राजू सांडिल और मानकी लागुड़ा देवगम ने कहा - स्थानीय लोगों के धैर्य की सीमा अब समाप्त हो चुकी है. उन्होंने बताया कि पूर्व में मंत्री दीपक बिरुवा, प्रशासन, सेल प्रबंधन और ग्रामीण प्रतिनिधियों के बीच त्रिपक्षीय वार्ता में लिखित सहमति बनी थी, लेकिन आज तक उस पर अमल नहीं हुआ. ग्रामीणों की मुख्य मांगों में 18 प्रभावित गांवों के युवाओं को 75 प्रतिशत रोजगार में प्राथमिकता देना, रैक लोडिंग, ट्रांसपोर्टिंग व जल छिड़काव का कार्य स्थानीय समिति को सौंपना और प्रदूषण नियंत्रण के ठोस कदम उठाना शामिल हैं.
ठेका कंपनी पर बाहरी लोगों को तरजीह देने का आरोप
ग्रामीणों ने ठेका कंपनी 'मां सरला' पर आरोप लगाया कि ड्राइवर, खलासी और झंडा दिखाने जैसे सामान्य कार्यों में भी बाहरी लोगों को रखा जा रहा है. वहीं, स्थानीय युवा भटक रहे हैं. मुखिया राजू सांडिल ने स्पष्ट किया कि जब तक ठेका कंपनी के मालिक मंटू मिश्रा मौके पर पहुंचकर ठोस निर्णय नहीं लेते और पूर्व समझौते को धरातल पर लागू नहीं किया जाता, तब तक केवल आश्वासनों पर आंदोलन खत्म नहीं होगा.
निर्णायक मोड़ पर आंदोलन, सेल के समक्ष चुनौती
खदान में उत्पादन और परिवहन ठप होने से सेल प्रबंधन के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गयी है. आंदोलनकारियों का कहना है कि जल, जंगल और जमीन हमारी है, इसलिए यह लड़ाई केवल नौकरी की नहीं बल्कि स्थानीय अधिकार और सम्मान की है. इस दौरान मुंडा बुधराम सिद्धू, मुंडा राजेश टोपनो, मुंडा जानुम सिंह चेरोवा, झामुमो नेता बृंदावन गोप, प्रीतम गोच्छाईत, राजू गोप और श्रीधर गोप समेत विभिन्न गांवों के सैकड़ों लोग मौजूद रहे. आंदोलन में मानकी लागुड़ा देवगम, मुखिया राजू सांडिल, मुंडा बुधराम सिद्धू, मुंडा राजेश टोपनो, मुंडा जानुम सिंह चेरोवा, झामुमो नेता बृंदावन गोप, प्रीतम गोच्छाइत, राजू गोप और श्रीधर गोप सहित विभिन्न गांवों के मुंडा, ग्रामीण और बेरोजगार युवा शामिल हुए.
