गुवा : सेल की गुवा अयस्क खदान में एग्जीक्यूटिव ऑफिसर के असामयिक निधन के बाद आश्रित को अनुकंपा नियुक्ति व मुआवजे की मांग पर शनिवार रात से चल रहा चक्का जाम सोमवार देर शाम प्रबंधन और मजदूर यूनियनों के बीच वार्ता के बाद समाप्त हो गया. सुबह की वार्ता बेनतीजा रहने के बाद शाम चार बजे दोबारा शुरू हुई सुलह प्रक्रिया में मांगों पर बिंदुवार चर्चा हुई, इसके बाद यूनियनों ने आंदोलन वापस लेने की घोषणा की.
वार्ता में बनी सहमति, आवेदन के आधार पर होगा निर्णय
बैठक में सेल प्रबंधन ने जानकारी दी कि अधिकारियों की सर्वोच्च संस्था सेफी ने इस मामले को अपने स्तर पर लिया है. सेल के शीर्ष प्रबंधन से बातचीत जारी है. यूनियनों ने मांग रखी कि मृतक अधिकारी की पत्नी को अनुकंपा नियुक्ति अथवा पारिवारिक लाभ योजना में से किसी एक विकल्प को चुनने का अधिकार मिले. इसपर प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि आश्रित अपनी इच्छानुसार आवेदन प्रस्तुत कर सकती हैं. इसपर सक्षम प्राधिकारी लागू नियमों के तहत जांच कर निर्णय लेगा. हालांकि, प्रबंधन ने यह साफ किया कि दोनों लाभ एक साथ देय नहीं होंगे. प्रबंधन के अनुरोध पर यूनियनों ने सहमति जताते हुए हड़ताल समाप्त कर दी.
तीन दिनों से ठप था लौह अयस्क खनन व डिस्पैच
विदित हो कि 15 अगस्त को गुवा खदान में पदस्थापित एग्जीक्यूटिव ऑफिसर दिवेंदु दास (32) का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था. इसके बाद शनिवार रात्रि पाली से ही मजदूर यूनियनों ने खदान जाने वाली बसों को रोककर चक्का जाम कर दिया था. इसके चलते तीन दिनों तक लौह अयस्क का खनन और डिस्पैच कार्य पूरी तरह ठप रहा.
बैठक में ये रहे मौजूद
सुलह वार्ता में मजदूर पक्ष से झारखंड मजदूर संघर्ष संघ के रामा पांडे, सारंडा मजदूर यूनियन के निर्मलजीत सिंह, झारखंड मजदूर मोर्चा के पंचम जॉर्ज सोय, बोकारो स्टील वर्कर्स यूनियन (इंटक) के विश्वजीत तांती, सीटू के राकेश कुमार और इंटक के तूफान घोष शामिल हुए. वहीं सेल प्रबंधन की ओर से मुख्य महाप्रबंधक चंद्रभूषण कुमार एवं महाप्रबंधक अर्नब डे उपस्थित थे.
