पिछले तीन-चार दिनों से हुई बारिश ने झारखंड-बंगाल सीमा पर स्थित कसमार प्रखंड की सेवाती घाटी की खूबसूरती में चार चांद लगा दिये हैं. बारिश के बाद घाटी का झरना पूरे वेग से बहने लगा है. पहाड़ी चट्टानों के बीच से गिरती पानी की तेज धार और चारों ओर फैली हरियाली का मनोरम दृश्य लोगों को आकर्षित कर रहा है.
झरना देखने रुक रहे राहगीर और पर्यटक
सेवाती घाटी से गुजरने वाले लोगों के लिए बरसात में झरना आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन गया है. दूर से पानी की सफेद धार दिखाई देते ही लोग वाहनों की रफ्तार धीमी कर कुछ देर रुक रहे हैं. कई लोग झरने के साथ तस्वीरें और सेल्फी लेते नजर आ रहे हैं. बारिश के बाद प्राकृतिक नजारा देखने के लिए आसपास के क्षेत्रों से पर्यटकों की आवाजाही भी बढ़ी है.
बारिश ने बदला घाटी का नजारा
बरसात के मौसम में सेवाती घाटी का प्राकृतिक सौंदर्य और निखर जाता है. पहाड़ी चट्टानों पर बहता पानी, चारों ओर फैली हरियाली और बादलों से घिरा आसमान पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है. स्थानीय लोगों के अनुसार, हर वर्ष बरसात में यहां का झरना आकर्षण का केंद्र बनता है, लेकिन इस बार लगातार बारिश से पानी का बहाव और नजारा दोनों खास हो गये हैं.
सुविधाएं विकसित हों तो बढ़ेगा पर्यटन
स्थानीय मुखिया सरिता देवी, मनोज कुमार महतो, रुपेश कुमार महतो व सुधीर घासी समेत अन्य लोगों ने सेवाती घाटी में पर्यटन सुविधाएं विकसित करने की मांग की है. उनका कहना है कि घाटी क्षेत्र की प्राकृतिक पहचान है और यहां बुनियादी सुविधाएं विकसित होने पर झारखंड के साथ पश्चिम बंगाल से भी बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंच सकते हैं.
स्थानीय लोगों के अनुसार सेवाती घाटी का नाम झारखंड सरकार की पर्यटन सूची में शामिल है, लेकिन अब तक पर्यटन विकास के लिए अपेक्षित पहल नहीं हुई है. पर्यटकों की सुविधा के लिए सुरक्षा व्यवस्था, बैठने की जगह, सूचना बोर्ड, साफ-सफाई और अन्य जरूरी सुविधाएं विकसित करने की जरूरत है. इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा हो सकते हैं.
