बोकारो/जैनामोड़. जरीडीह प्रखंड स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में कक्षा छह की छात्रा के बाउंड्री फांदकर बाहर निकलने की कोशिश के मामले की जांच शुरू हो गयी है. बुधवार को जिला शिक्षा पदाधिकारी प्रवीण रंजन के निर्देश पर गठित दो सदस्यीय जांच कमेटी विद्यालय पहुंची और घटना से जुड़ी जानकारी जुटायी.
कमेटी छात्रा के विद्यालय से बाहर निकलने की कोशिश के पीछे की वजह के साथ-साथ विद्यालय में उसके साथ हुए व्यवहार की भी पड़ताल कर रही है. जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी.
वीडियो वायरल होने के बाद सामने आये थे आरोप
मंगलवार को छात्रा के विद्यालय की चारदीवारी फांदकर बाहर निकलने का वीडियो सामने आया था. वीडियो में छात्रा सड़क किनारे रोती हुई नजर आ रही थी. इसके बाद जरीडीह मुखिया संघ की अध्यक्ष पुष्पा देवी ने विद्यालय प्रबंधन पर छात्राओं को प्रताड़ित करने समेत कई गंभीर आरोप लगाये थे.
वहीं, विद्यालय की वार्डन अनामिका कुमारी ने आरोपों को गलत बताया था. उनका कहना था कि छात्रा नयी है और विद्यालय के माहौल में खुद को एडजस्ट नहीं कर पाने के कारण परेशान हो गयी थी.
छात्रा के बयान से सामने आयेगी वास्तविक वजह
जांच के दौरान कमेटी छात्रा के विद्यालय में आने के बाद की स्थिति, उसके व्यवहार और घटना के दिन की परिस्थितियों की जानकारी ले रही है. छात्रा ने किन परिस्थितियों में विद्यालय की बाउंड्री फांदकर बाहर निकलने का प्रयास किया, यह जांच का प्रमुख बिंदु है.
इसके अलावा वार्डन, शिक्षिकाओं और विद्यालय के अन्य कर्मियों से भी घटना को लेकर जानकारी ली जा रही है. छात्रा के बयान और विद्यालय प्रबंधन के पक्ष का मिलान कर जांच कमेटी अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी.
मां छात्रा को लेकर चली गयी थीं घर
घटना के बाद छात्रा की मां विद्यालय पहुंची थीं और उसे अपने साथ घर ले गयी थीं. ऐसे में जांच कमेटी के लिए छात्रा और उसके अभिभावक का पक्ष भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
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जांच के दौरान घटना से पहले और बाद की परिस्थितियों को भी समझने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि छात्रा के विद्यालय से बाहर निकलने की कोशिश की वास्तविक वजह सामने आ सके.
आरोप सही मिले तो होगी कार्रवाई
जिला शिक्षा पदाधिकारी प्रवीण रंजन ने कहा है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जायेगी. यदि जांच में विद्यालय प्रबंधन या किसी कर्मी की लापरवाही अथवा छात्रा के साथ प्रताड़ना की बात सामने आती है, तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी.
वहीं, यदि आरोप सही नहीं पाये जाते हैं, तो छात्रा के बाउंड्री फांदकर बाहर निकलने के वास्तविक कारण को भी जांच रिपोर्ट में स्पष्ट किया जायेगा.
