सदर अस्पताल के सभागार में रविवार को वर्क लाइफ बैलेंस एंड टैलेंट मैनेजमेंट पर सेमिनार आयोजित किया गया. कार्यक्रम का उद्घाटन सीएस डॉ एबी प्रसाद, गिरिडीह सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ अरविंद कुमार, बोकारो सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ एनपी सिंह ने संयुक्त रूप से किया.
सीएस डॉ प्रसाद ने कहा स्मार्ट बनने के लिए स्मार्ट की तरह सोचना होगा. आप बड़े गोल की तरफ बढ़ें, छोटे गोल स्वत: आपके नजदीक चले आएंगे.
हिचकिचाहट लक्ष्य प्राप्ति में बाधक
सीएस डॉ प्रसाद ने कहा कि जब तक इच्छाशक्ति मजबूत नहीं होगी. हिचकिचाहट बनी रहेगी. यह किसी भी गोल को पाने में बाधक बना रहता है. डॉ एन पी सिंह ने कहा मन की लड़ाई जब शुरू होती है, तो कई तरह के विचार आने लगते हैं.
फालतू विचार को पछाड़कर सही विचार पर विजय पा लेना ही आगे बढ़ाता है. मन के जीते जीत, मन के हारे हार. स्वास्थ्यकर्मियों को सदा इच्छाशक्ति के साथ आगे बढ़ना चाहिए.
सीखने की ललक से प्रतिभा का विकास
डॉ अरविंद ने कहा स्वास्थ्य सेवा सीखने की कड़ी है. सेवा के दौरान सीखने की ललक को निरंतर बनाए रखने की जरूरत है. हर व्यक्ति में कुछ ना कुछ टैलेंट होता है. उस टैलेंट को गति देकर जीवन में सफलता हासिल की जा सकती है.
सोच को बदलें, निश्चित रूप से जीवन बदलेगा. कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रभारी अस्पताल मैनेजर पवन कुमार श्रीवास्तव ने मौके पर चिकित्सक व स्वास्थ्यकर्मी मौजूद थे.
