Bokaro News : 100 करोड़ रुपये से बनेगी पिछरी-तेनुघाट सड़क

Bokaro News : बेरमो की लाइफ लाइन कही जाने वाली पिछरी-तेनुघाट सड़क की सूरत बदलने वाली है.

बेरमो, बेरमो की लाइफ लाइन कही जाने वाली पिछरी-तेनुघाट सड़क की सूरत बदलने वाली है. जर्जर हो चुकी इस सड़क (26.3241 किमी) की जगह नयी सड़क का निर्माण लगभग 100 करोड़ रुपये से होगा. योजना का शिलान्यास तीन सितंबर को बेरमो विधायक कुमार जयमंगल करेंगे. सड़क के बीच में सात पुल और कलवर्ट का भी निर्माण होगा. फुसरो, पिछरी व नावाडीह को बेरमो अनुमंडल मुख्यालय तेनुघाट से जोड़ने वाली यह एक महत्वपूर्ण सड़क है. इस सड़क की चौडाई पांच मीटर तथा सड़क के दोनों किनारे ढाई-ढाई मीटर जगह खाली रखना है.

पिछरी-तेनुघाट नहर किनारे बसे हैं कई गांव

पिछरी-तेनुघाट नहर किनारे कई गांव बसे हैं तथा ग्रामीणों के आवागमन का यह मुख्य मार्ग रहा है. पिछरी से तेनुघाट के बीच पिछरी, अंगवाली, बोरवापानी, झुंझको, चलकरी, चांदो, रोहर, चांपी, अंबाटोला, घरवाटांड़ आदि नगर किनारे गांव बसे हैं. रोहर व चांदो पंचायत के अलावा भूलन खेतको, बासुरिया आदि बड़े गांव आते हैं. बेरमो के फुसरो के अलावा नावाडीह सहित पिछरी, अंगवाली, तुपकाडीह, जारंगडीह, खेतको आदि इलाके की एक बड़ी आबादी अनुमंडल मुख्यालय तेनुघाट आने-जाने के लिए इसी सड़क का ज्यादातर इस्तेमाल करती है. तेनुघाट स्थित व्यवहार न्यायालय के अलावा अनुमंडल पदाधिकारी तथा अनुमंडल पुलिस उपाधीक्षक कार्यालय रोजाना कई लोगों का आना-जाना लगा रहता है. साथ ही तेनुघाट उपकारा में बंद बंदियों से मिलने जाने के लिए भी इस सड़क का लोग उपयोग करते हैं. वहीं इस सड़क से होकर लोग पिछरी से तेनुघाट होते हुए गोमिया, पेटरवार, रांची आते-जाते हैं.

दो विस के चार प्रखंडों के लोगों को मिलेगी सहूलियत

इस सड़क का निर्माण होने से बोकारो जिला के दो विधानसभा क्षेत्र के चार प्रखंड के लोगों को आवागमन में सहूलियत होगी. बेरमो विधानसभा क्षेत्र के बेरमो व जरीडीह प्रखंड के अलावा गोमिया व बेरमो विधानसभा क्षेत्र के पेटरवार प्रखंड सहित गोमिया विस क्षेत्र के गोमिया प्रखंड के लोगों को इससे काफी सहूलियत होगी. गोमिया व तेनुघाट क्षेत्र के लोगों के लिए बोकारो आना-जाना भी सुलभ होगा.

1975 में नहर बनने के बाद बनी थी यह सड़क

जानकारी के अनुसार वर्ष 1975 में बोकारो-तेनुघाट नहर निर्माण के बाद पिछरी-तेनुघाट सड़क का निर्माण हुआ था. बीच-बीच में कभी-कभार इसकी मरम्मत का कार्य होता रहा है. लेकिन एक दशक से मरम्मत कार्य नहीं हुआ है. इस सड़क में खेतको-कानीडीह के बीच एक बड़े पुल को झारखंड आंदोलन के समय उड़ा दिया गया था. बाद में पुल के नीचे से डायवर्सन सड़क का निर्माण कराया गया, जिससे होकर फिलहाल लोग आवागमन करते हैं. यह डायवर्सन सड़क जर्जर हो चुकी है.

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