चास प्रखंड की विभिन्न पंचायतों केंद्र सरकार की जल जीवन मिशन योजना को धरातल पर उतारने की गति धीमी है. प्रतीत होता है कि इस वर्ष गर्मी में यह योजना प्यास नहीं बुझा पायेगी. दिसंबर 2023 में यहां योजना का का शुरू किया गया था. चास प्रखंड के सोनाबाद, मिर्धा, ओलगोड़ा, कांड्रा, तुरीडीह पंचायत के मोहुदा, काशीझरिया पंचायत के कुरमा, मुधुनिया पंचायत के पारटांड़ सरदाहा पंचायत के पैदाडीह, सुनता पंचायत, चैनपुर पंचायत, कानारी पंचायत, पौखन्ना पंचायत, जयतारा गांव में जल मीनार निर्माण का काम थम गया है. कहीं जलमीनार की टंकी का ढलाई शुरू की गयी है, तो कहीं केवल टंकी का ढांचा ही बना है. जिप सदस्य राजेश कुमार महतो, लंबोदर महतो, कांड्रा पंसस उपेंद्र कुमार पांडे, झारखंड माहथा, समाजसेवी युधिष्ठिर रजवार, समरेश सिंह, निताई गोप, राहुल, जितेन गोप आदि का कहना है कि क्षेत्र में गर्मी आते ही पेयजल की समस्या उत्पन्न हो जाती है. महिलाओं को एक से डेढ़ किमी की दूरी तय कर पीने का लाना पड़ता है. कांड्रा पंसस उपेंद्र कुमार पांडे ने कहा कि विभाग की उदासीनता के कारण अभी तक यह योजना पूरी नहीं हो पायी है.
Bokaro News : चास में जल जीवन मिशन योजना की गति धीमी
Bokaro News : चास में जल जीवन मिशन योजना की गति धीमी है.
