प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से देशवासियों को एक साल तक सोना खरीदने से बचने को लेकर की गयी अपील का असर बोकारो में भी देखने को मिल रहा है. शनिवार को आभूषण दुकानों में लोग बेहद जरूरी वजहों से सोना खरीदते नजर आये. इधर, ज्वेलर्स संचालकों को कहना है कि पिछले कुछ दिनों में सोने की खरीदारी में कमी आयी है. जिला में सोने-चांदी की 200 से अधिक छोटी-बड़ी दुकानें हैं. इस कारोबार से जुड़े कारीगरों, कर्मचारियों और मजदूरों सहित हजारों लोगों की आजीविका प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़ी हुई है. ऐसे में कारोबार में गिरावट ने रोजगार और आमदनी को लेकर चिंता बढ़ा दी है.
क्या कहते हैं दुकानदार
पहले लोग शादी-विवाह के मौके या निवेश के उद्देश्य से खुलकर सोने की खरीदारी करते थे. अब कीमतों और परिस्थितियों को देखते हुए इंतजार कर रहे हैं. आम लोगों में यह सोच बढ़ी है कि फिलहाल आर्थिक स्थिरता बनाये रखना ज्यादा जरूरी है.
सुभाष चंद्र, मोती ज्वैलर्स, चास चेक पोस्टशादी-विवाह और त्योहारों के मौसम में सर्राफा कारोबार को उम्मीद रहती है. यदि कारोबार प्रभावित होता है तो केंद्र सरकार छोटे और मध्यम व्यापारियों को आर्थिक राहत और सहायता देने की दिशा में ठोस नीति बनाये.
संजय सोनी, प्रवक्ता, ज्वेलरी संघ चासहर महीने दुकान का किराया, बिजली बिल, सुरक्षा व्यवस्था, साज-सज्जा, जीएसटी, कर्मचारियों का वेतन और कारीगरों की मजदूरी जैसे कई खर्च हैं. ऐसे में यदि बिक्री रुकती है तो कारोबारियों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो जायेगा.
जतीन अग्रवाल, अलंकार ज्वेलर्स, बोकारोप्रधानमंत्री की अपील का असर बाजार में दिख रहा है. बाजार में गिरावट है. हालांकि ग्राहक पुराने सोने के जेवर देकर नये गहने बनाने पर जोर दे रहे हैं.
ऋषभ रस्तोशी, स्वर्णलिका ज्वेलर्स, सेक्टर-04