Bokaro News : विस्थापितों ने कारो परियोजना का किया चक्का जाम

Bokaro News : सीसीएल बीएंडके प्रबंधन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कारो बस्ती के विस्थापित चक्का जाम आंदोलन पर उतरे.

फुसरो, सीसीएल बीएंडके प्रबंधन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कारो मौजा विस्थापित संघर्ष मोर्चा के बैनर तले कारो बस्ती के विस्थापित शनिवार को चक्का जाम आंदोलन पर उतरे. कारो परियोजना में उत्पादन व कोयला ट्रांसपोर्टिंग कार्य ठप कर दिया. प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की गयी. कारो पीओ सुधीर सिन्हा, रेवेन्यू अधिकारी शंकर झा, सेफ्टी ऑफिसर संजय सिंह, मैनेजर चिंतामणि मांझी पहुंचे और आंदोलन वापस लेने का आग्रह किया. लेकिन विस्थापित नहीं माने.

सरफेस माइनिंग पर रोक लगाने की मांग

मोर्चा के अध्यक्ष सोहनलाल मांझी ने कहा कि प्रबंधन द्वारा रोड सेल में कोयला उपलब्ध नहीं कराये जाने के कारण सैकड़ों लोग बेरोजगार हो गये हैं. 41 सूत्री मांगों को लेकर प्रबंधन द्वारा शुक्रवार को बैठक बुलायी गयी थी. बैठक में प्रबंधन द्वारा मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं कर सिर्फ आश्वासन दिया जा रहा था. इसके कारण विस्थापितों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया. कहा कि जमीन देकर हमलोग दर-दर की ठोकरे खा रहे है और बाहरी लोग लाभ उठा रहे हैं. प्रबंधन जब तक हम लोगों के नियोजन, मुआवजा व पुनर्वास को लेकर पहल नहीं करेगा, आंदोलन जारी रहेगा. उन्होंने प्रबंधन से सरफेस माइनिंग पर रोक लगाने की मांग की.

मोर्चा के सचिव संजय गंझू ने कहा कि प्रबंधन विस्थापितों को नजरअंदाज कर खदान संचालित करना चाह रहा है. गांव को टापू बना कर छोड़ दिया है. गांव के लोग प्रदूषण और ब्लास्टिंग की समस्याओं से त्रस्त हैं. प्रबंधन विस्थापितों को भी रोजगार में भागीदारी दे और जमीन के बदले उनका अधिकार दे. प्रबंधन ने बिना जांच के गलत तरीके से कारो बस्ती के विस्थापित संजय गंझू को नौकरी से बैठा दिया था. उन्हें नौकरी पर बहाल किया जाये.

महिलाओं ने कहा कि हमारी जमीन से कोयला निकासी कर सीसीएल व आउटसोर्सिंग कंपनी करोड़ों-अरबों रुपये का मुनाफा कमा रही है. नियोजन नहीं मिलने के कारण हमारे बच्चे रोजगार के लिए दूसरे राज्य पलायन कर रहे हैं. अब यह जुल्म नहीं सहेंगे. अधिकार लेकर रहेंगे. आंदोलन में रंजीत महतो, जीबू विश्वकर्मा, तुलसी विश्वकर्मा, रोहन कुमार, कुलदीप गंझू, दीपक गंझू, मेघलाल गंझू, कुंवर गंझू, कमर विश्वकर्मा, मोहन कमार, घनश्याम गंझू, सोरामुनी देवी, बबिता देवी, गुड़िया गंझू, तारा देवी, ममता देवी, सुनीता देवी, सुमित्रा देवी, कामनी देवी, बबिता देवी, सुभद्रा देवी, नागिया देवी, सुनीता मुर्मू, रिंकी देवी आदि शामिल थे.

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