Bokaro News : केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआइ) की टीम गुरुवार को सीसीएल ढोरी एरिया के महाप्रबंधक कार्यालय पहुंची. इस दौरान सीबीआइ की टीम ने सीसीएल ढोरी के कलर्स वीरेंद्र हजाम पर 29 लाख 60 हजार रुपये गबन मामले को लेकर सिविल विभाग के अधिकारियों से पूछताछ करते हुए मामले से जुटे दस्तावेजों को जब्त कर अपने साथ ले गये. वीरेंद्र हजाम करगली हॉस्पिटल कॉलोनी में सीसीएल के क्वार्टर में रहते हैं. पिछले तीन दिनों से उनका क्वार्टर बंद है. वह क्षेत्र से बाहर भी है. उनका पैतृक गांव राजधनबार है.
टेंडर प्रक्रिया में हेराफेरी कर कंपनी को नुकसान पहुंचाने का मामला
सीसीएल ढोरी एरिया के महाप्रबंधक कार्यालय में क्लर्क के पद पर कार्यरत वीरेंद्र हजाम पर ठेकेदार के साथ मिलकर टेंडर प्रक्रिया में हेरफेर कर कंपनी को करीब 29 लाख 60 हजार रुपये का नुकसान पहुंचाने का आरोप है. वीरेंद्र हजाम ने जान बूझकर ठेकेदारों को बतायी गयी बिड वैल्यू में हेराफेरी करके बिल ऑफ है. क्वांटिटी (बीओक्यू) और तुलनात्मक स्टेटमेंट में जालसाजी व बदलाव कर दिया. इसके चलते 42 लाख 48 हजार रुपये ज्यादा दर पर ठेका दिये गये. इसके बाद ठेकेदारों ने ज्यादा दर पर इंवायस (बिल) बनाया, जिसके चलते 29 लाख 60 हजार रुपये का ज्यादा भुगतान हुआ. सनद हो कि मामले को लेकर केस के शिकायतकर्ता सीसीएल रांची के मुख्य निगरानी अधिकारी (सीवीओ) पंकज कुमार हैं. उन्होंने 25 जुलाई 2025 को सीबीआई से शिकायत की थी.
