Bokaro News : आराेपी को लेकर जंगल पहुंची टीम, जहां मिला था युवती का शव

Bokaro News : पुष्पा हत्याकांड की जांच रविवार भी जारी रही.

पुष्पा हत्याकांड की जांच रविवार भी जारी रही. दिन लगभग 10 बजे फोरेंसिक विभाग की टीम आरोपी दिनेश महतो को लेकर चास कॉलेज के पीछे मधुडीह जंगल पहुंची, जहां शनिवार को पुष्पा का कंकाल मिला था. टीम ने दिनेश से पुष्पा के कागजात से भरे बैग के बारे में जानकारी मांगी, लेकिन बैग का कोई सुराग नहीं मिला. इसके बाद टीम खुटाडीह गांव भी पहुंची. अधिकारियों ने आरोपी से पूछताछ कर उन स्थानों का निरीक्षण किया, जहां वह पुष्पा को बुलाया करता था. पूछताछ के बाद पुलिस ने आरोपी दिनेश महतो को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया. इधर, रविवार को पिंड्राजोरा थाना परिसर में सन्नाटा पसरा रहा. निलंबित पुलिसकर्मी सादे लिबास में आपस में बातचीत करते दिखे. नये थाना प्रभारी के रूप में रवि कुमार ने पदभार संभाल लिया है. लोगों से मिलकर स्थिति की जानकारी भी ली.

इधर, पिंड्राजोरा थाना क्षेत्र के खुटाडीह गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है. साढ़े आठ माह से पुष्पा को लापता मान कर मां रेखा देवी का उसके लौटने की आशा थी. लेकिन बेटी की हत्या हो जाने का पता चला, इसके बाद वह सदमे में हैं. परिजनों के अनुसार वह किसी से ठीक से बात नहीं कर पा रही हैं और अधिकतर समय बिस्तर पर निढाल पड़ी रहती हैं. रिश्तेदार आ-जा रहे हैं. आंखों से लगातार आंसू बह रहे हैं और वह खुद को अकेला छोड़ देने की बात कह रही हैं. गांव में शोक का माहौल है और लोग इस घटना से स्तब्ध हैं. रविवार को परिजनों ने बताया कि पुष्पा की हत्या करने वाले को फांसी दिया जाना चाहिए. मृतका के पिता अनंत महतो ने भी सख्त सजा देने की मांग की है. मृतका और आरोपी एक ही गांव के रहने वाले हैं, इसलिए गांव के अन्य लोग इस मामले पर खुल कर बोलने से बच रहे हैं. मृतका के परिजनों से समाजसेवी व जेएलकेएम केंद्रीय प्रवक्ता डॉ जयदेव महतो भी मिले.

बेटी के सपनों को पूरा करने के लिए पिता ने लिया था कर्ज, मजदूरी कर चुका रहा है पुत्र

खुटाडीह गांव निवासी अनंत महतो के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. मृत कुमारी पुष्पा महतो के पिता अनंत महतो ने बताया कि बेटी के सपनों को पूरा करने के लिए लोगों से लगभग एक लाख साठ हजार रुपये का कर्ज लिया था. यह राशि उन्होंने पुष्पा का भविष्य बनाने के लिए उसकी पढ़ाई पर खर्च की थी. कुछ राशि से घर की ढलाई करायी थी. लेकिन 21 जुलाई 2025 को पुष्पा के लापता हो गयी. आठ महीने से ज्यादा समय तक बेटी की तलाश में लगा रहा. इस बीच कर्ज का बोझ भी बढ़ता गया. विवशता में इकलौते बेटे बबलू महतो को मजदूरी करने के लिए राजस्थान भेज दिया, ताकि किसी तरह कर्ज चुकाया जा सके और घर की आर्थिक स्थिति संभाला जा सके. बबलू के पैसे से धीरे-धीरे लोगों का कर्ज चुका रहे हैं. रोते हुए उन्होंने कहा कि कभी सोचा भी नहीं था कि जिस बेटी के लिए सपने देखे, उसकी इस तरह हत्या हो जायेगी.

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By JANAK SINGH CHOUDHARY

JANAK SINGH CHOUDHARY is a contributor at Prabhat Khabar.

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