Bokaro News : प्रदूषण से सोलर प्लेट नहीं हो रहे चार्ज, अंधेरे में चंद्रपुरा-बोकारो मार्ग

Bokaro News : एक करोड़ की लागत से चंद्रपुरा-बोकारो मार्ग में लगाये गये 149 सोलर स्ट्रीट लाइट, 75-80 की बत्ती गुल

Bokaro News : उदय गिरि, फुसरो नगर. चंद्रपुरा-बोकारो सड़क मार्ग पर चंद्रपुरा रेलवे पुल से लेकर दामोदर नदी बूढ़ीडीह पुल तक रात्रि में राहगीरों के आवागमन की सुविधा के लिए जरेडा से 149 सोलर स्ट्रीट लाइट लगभग एक किलोमीटर की परिधि में लगाये गये हैं. यह क्षेत्र चंद्रपुरा प्रखंड के करमाटांड़ पंचायत क्षेत्र अंतर्गत आता है. इस योजना को धरातल में उतारने के लिए सरकार ने एक करोड़ से अधिक की राशि खर्च की है. इस पथ पर लाइट लगाने की अनुशंसा पंचायत व प्रखंड द्वारा जरेडा से की गयी थी, लेकिन कुछ ही माह में यहां लगे 149 सोलर लाइटों में 70-80 लाइट बूझ गयी. अब इस पथ पर रात में अंधेरा पसरा रहता है. यहां लगाये गये सोलर खंभों में 20 वाट की एलइडी लाइट व 100 वाट का सोलर प्लेट लगा हुआ है. इन सोलर लाइटों के मेनटेनेंस वर्क करने वाले कर्मी मो. आरिफ का कहना है कि सोलर लाइटों के नहीं जलने के की वजह क्षेत्र में अधिक प्रदूषण का होना है. सड़क के पास ही रेलवे साइडिंग होने व कोल ट्रांसपोर्ट के कारण सोलर प्लेट पर कोल डस्ट (छाई) की परत बैठ जा रही है, जिससे सोलर लाइट ठीक से चार्ज नहीं हो पा रही है. अब लोगों का कहना है कि अगर यह प्रदूषित क्षेत्र था तो ऐसे में यहां इतनी अधिक राशि खर्च कर सोलर स्ट्रीट लाइट क्यों लगायी गयी.

क्या-क्या होता है सोलर सोलर स्ट्रीट लाइटिंग सिस्टम में

स्टैंडअलोन सोलर स्ट्रीट लाइटिंग सिस्टम में एक सोलर पैनल, ऊर्जा भंडारण के लिए लेड एसिड बैटरी, प्रकाश स्रोत के रूप में कॉम्पैक्ट फ्लोरोसेंट लैंप (सीएफएल)/एलइडी, और उपयुक्त इलेक्ट्रॉनिक्स और हार्डवेयर जैसे पोल, बैटरी बॉक्स शामिल होते हैं. सिस्टम को एक कंट्रोलर द्वारा नियंत्रित किया जाता है जिसमें स्वचालित ऑन/ऑफ टाइम स्विच होता है, जो शाम से सुबह तक या अन्य निर्धारित समय तक प्रकाश को नियंत्रित करता है.

स्ट्रीट लाइटों को यहां से हटाकर दूसरे जगह लगाने का किया जायेगा प्रयास : बीडीओ

इस मामले में चंद्रपुरा बीडीओ ईश्वर दयाल महतो ने बताया कि जरेडा कंपनी से 149 सोलर स्ट्रीट लाइट लगाये गये हैं. लाइटों के खराब रहने की शिकायत कंपनी से की गयी थी. बताया कि इस क्षेत्र में कोल साइडिंग होने के कारण प्रदूषण कंट्रोल नहीं हो रहा है, जिस कारण लाइटें नहीं जल रही हैं. ट्रांसपोर्टिंग में लगी कोल कंपनियों से पानी छिड़काव के लिए कहा जायेगा. कहा कि अगर स्थिति ऐसी ही रही तो स्ट्रीट लाइटों को यहां से हटाकर दूसरे जगह लगाने का प्रयास किया जायेगा.

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Author: MANOJ KUMAR

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