विस्थापितों की लंबित मांगों को लेकर विस्थापित संघर्ष मोर्चा और झारखंड निर्माण सेना की ओर से बुधवार को प्रशासनिक भवन के सामने टू टैंक गार्डेन धरना स्थल में धरना दिया गया. गुलाब चंद्र ने कहा कि एकमुश्त 20 हजार विस्थापितों, अशिक्षित, शिक्षित व प्रशिक्षु महिला-पुरुषों को उनकी योग्यता के अनुसार डीपीएलआर के माध्यम से विभागीय नौकरी दी जाये. साथ ही, विस्थापितों को नियोजन में 45 वर्ष तक की आयु सीमा में छूट दी जाये. बीएसएल द्वारा अधिग्रहित जमीन अतिक्रमण हटा कर मूल रैयतों या उनके वंशजों को क्षतिपूर्ति सहित लौटायी जाये. मांगों पर पहल नहीं हुई तो 12 मई को एडीएम के मुख्य गेट पर विस्थापितों की ओर से हथियार बंद प्रदर्शन किया जायेगा. मौके पर धीरेंद्रनाथ गोस्वामी, इंद्र केवट, अशीरुद्दीन अंसारी, सुकदेव मांझी, परशुराम राय, सामी देवी, रासमनी देवी, प्रतिमा देवी, लालबाबू अंसारी, मंजू देवी, मानिक घटवार, रवींद्र टुडू, दशरथ मांझी, विक्रम दिगार, अब्बास अंसारी, दीपक साहिस, रमेश साहिस, कमलेश साहिस, महावीर साहिस, लीलमुनी देवी, मुकेश, जयदेव हेंब्रम आदि मौजूद थे.
Bokaro News : विस्थापितों की लंबित मांगों को लेकर दिया धरना
Bokaro News : विस्थापितों की लंबित मांगों को लेकर धरना दिया गया.
