राकेश/संजय
Bokaro: भगवान श्री परशुराम प्रतिमा अनावरण समिति द्वारा बेरमो संडे बाजार स्थित बद्री फाइल में भगवान श्री परशुराम जी की प्रतिमा अनावरण सह तीन दिवसीय महायज्ञ के अंतिम दिन शनिवार को भगवान श्री परशुराम की प्रतिमा का अनावरण केंद्रीय कोयला राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने किया. आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री श्री दुबे ने कहा कि भगवान परशुराम की मूर्ति का अनावरण करते हुए बहुत ही गर्व महसूस हो रहा है. इस पवित्र काम का हिस्सा बना मेरी खुशनसीबी है. उन्होंने कहा कि धरती पर जब-जब अत्याचार हुआ तो भगवान विष्णु के अनेक अवतार हुए. कभी राम के रूप में तो कभी कृष्ण के रूप में तो कभी परशुराम के रूप में, लेकिन भगवान परशुराम शास्त्र व शस्त्र दोनों को जोड़कर चलने का काम करते थे. शस्त्र और शास्त्र उन्होंने कभी नहीं छोड़ा. भगवान परशुराम दोनों का अनोखा संगम हैं.
उन्होंने कहा कि भगवान राम मर्यादा पुरुषोत्तम थे लेकिन भगवान परशुराम मर्यादा का उल्लंघन करते थे. जो दुराचारी होता था, जो अत्याचारी होता था उसका प्रतिकार करने वाले थे. जब कृष्ण का अवतार हुआ तो कंस जैसे लोग का वध हुआ था. राम का अवतार हुआ तो रावण का भी वध हुआ था. इसी तरह सशस्त्रबाहू का वध हुआ था वह भी अत्याचारी थे. भगवान परशुराम के जीवन से हमें सीख लेनी चाहिए हमेशा अत्याचार का विरोध करना चाहिए, प्रतिकार करना चाहिए जितना हो सकता है बुराई अत्याचार का प्रतिकार करने की आदत डालें. भगवान परशुराम में सिखाते हैं कि अगर हम सच्चाई के रास्ते में हैं तो अकेले चलने से मत डरिए.
आज भारत भय मुक्त है
उन्होंने कहा कि आज भारत भय मुक्त है, आज अगर 10 देश मिलकर पूरे विश्व की दिशा तय करते हैं तो उसमें भारत भी सम्मिलित रहता है. पुराने जमाने में भी बुराई अत्याचारी का प्रतिकार होता था और आज भी आप प्रतिकार करें. भगवान परशुराम सिर्फ उपदेश नहीं देते थे, बल्कि इंसाफ के लिए सबसे बड़े योद्धा भी थे. आज के नौजवानों को उनके जीवन से बहुत कुछ सीखने की जरूरत है. भगवान राम को इसलिए पूजते हैं कि उन्होंने मर्यादा का पालन करते थे. परशुराम को इसलिए पूजते हैं कि वे मर्यादा को तोड़ने वाले को दंडित करने का काम करते थे. भगवान परशुराम किसी जाति व किसी खास राजा के खिलाफ नहीं थे. उन्होंने ऐसे राजा को उखाड़ फेंका, जो जनता का खून पी रहा था. भगवान परशुराम के शास्त्र व शस्त्र युवाओं को सीख देती है. 21 बार उन्होंने धरती को जीता परंतु राजा बनने की इच्छा नहीं रखी. यह अपने आप में बहुत बड़ा त्याग है. आज एक देश दूसरे देश पर कब्जा करने के लिए कितने लोगों की जान ले लेते हैं.
भारत की भूमि को धर्मशाला बना दिया गया है
उन्होंने कहा कि आज पश्चिम बंगाल में एसआईआर का विरोध हो रहा है. कहां से वोटर लाकर भरें, इसकी चिंता वहां की ममता सरकार कर रही है. पश्चिम बंगाल कहीं चला जाए, भारत की संस्कृति कहीं चली जाए, धरोहर विरासत कहीं चली जाए. इसकी चिंता ममता सरकार को नहीं. परंतु मोदी सरकार ने ठाना है कि भारत की विरासत भी वापस करेंगें, भारत के साख को भी बचाएंगे और भारत को विकसित भारत भी बनाएंगे. आज पश्चिम बंगाल में बहनें सुरक्षित नहीं है. वहां के मूल निवासी सुरक्षित नहीं है. भारत की भूमि को धर्मशाला बना दिया गया है. वे लोग हमारे गरीबों का अनाज भी खाते हैं, हमारी नौकरी भी लेते हैं और भारत के संस्कृति के साथ गद्दारी भी करते हैं. वे भारत को कमजोर करने की कोशिश करते हैं. ऐसे गद्दारों को देश से बाहर करना चाहिए कि नहीं. जो उसको संरक्षण देता है उसे बाहर करना चाहिए कि नहीं, यह झारखंड का पड़ोसी है आप भी ऐसे निरंकुश सरकार को उखाड़ फेंकने में सहयोग करें. पश्चिम बंगाल में निश्चित रूप से बदलाव होगी. जब 35 साल के कम्युनिस्ट सरकार बदल सकती है तो ममता सरकार भी निश्चित रूप से बदलेगी. आज भारत विकसित और आत्मनिर्भर हो रहा है. अगर पश्चिम बंगाल विकसित नहीं होगा तो क्या हम भारत के विकास की कल्पना कर सकते हैं.
कोयला कामगारों के अपेक्षाओं पर खरा उतरने का काम करेंगे
विशिष्ट अतिथि के तौर पर उपस्थित पूर्व सांसद रवींद्र कुमार पांडे ने कहा कि आज कोयला राज्य मंत्री का आगमन कोयलांचल की धरती पर हुआ है. इससे यहां के कोयला मजदूरों को भी काफी उम्मीदें हैं. उम्मीद है कि मंत्री महोदय यहां के कोयला कामगारों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का काम करेंगे. उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम की जीवनी से हमें सीख लेनी चाहिए. कार्यक्रम में मंत्री श्री दुबे को 101 किलो का माला पहनाया गया और अंगवस्त्र व फरसा देकर सम्मानित किया गया. वहीं, अतिथियों को भी फरसा और अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया. मंत्री श्री दुबे के आगमन पर जरीडीह अब्दुल हमीद चौक के समक्ष भी उनका स्वागत किया गया. मंत्री ने परमवीर अब्दुल हमीद की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया. उसके बाद फ्राइडे बाजार चौक में शहीद ए आजम भगत सिंह की प्रतिमा पर भी श्रद्धा सुमन अर्पित किया. इससे पूर्व यज्ञ की पूर्णाहुती हुई एवं भंडारा में मंत्री सहित कई गणमान्य लोगों ने हिस्सा लिया. इस अवसर पर 24 घंटे के अखंड हरी कीर्तन का भी समापन हुआ.
इनकी रही उपस्थिति
मौके पर ढोरी जीएम रंजय सिन्हा, बीएंडके एसओ माइनिंग केएस गैवाल, भाजपा नेता विक्रम पांडेय, दिनेश पांडे, बेरमो बीडीओ मुकेश कुमार, मुखिया दुर्गावती देवी, पूर्व मुखिया छत्रधारी मिश्रा, बीएमएस नेता रवींद्र मिश्रा, अग्रवाल कल्याण महासभा के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल, जितेंद्र दुबे, डॉ आरएन झा, एओसी मनोज कुमार, पीओ भीएन पांडेय, एटक नेता सुजीत घोष, नवीन पांडेय, राम पुकार राम, बसंत पाठक, अजय झा, नरेंद्र कुमार, राम कृष्ण आद्य, हीरा लाल, रवि शंकर तिवारी, उमेश प्रसाद, शिव प्रकाश पांडे, फागुराम, जितेंद्र दुबे, पिंटू पांडे, संदीप कुमार, दीपू गुप्ता, अनिल मिश्रा, लक्ष्मण ठाकुर, राम पुकार राम, उदय दुबे, डी दामोदरन, ज्योति कुमारी, सोनू कुमारी, तामु, सोनू, गुड्डू, धर्मेंद्र तिवारी, राजू दुबे, मुन्ना पांडे, अरविंद शर्मा, टीडी नायक, टुनटुन तिवारी, चंदन कुमार तिवारी सहित कई लोग उपस्थिति थे.
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