सहारा इंडिया के ऑफिस को सीआईडी ने किया सील, निवेशक परेशान

Sahara India Office Sealed: बोकारो जिले के गोमिया में चल रहे सहारा इंडिया के एक ऑफिस को सीआईडी ने सील कर दिया है. निवेशकों से पैसे जमा लेने की सूचना पर डीजीपी के आदेश से यह कार्रवाई की गई है.

Sahara India Office Sealed: सहारा इंडिया के खिलाफ झारखंड के बोकारो जिले में बड़ा एक्शन हुआ है. गोमिया प्रखंड में सहारा इंडिया की शाखा को सीआईडी ने सील कर दिया है. झारखंड के पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई है. डीजीपी को शिकायत मिली थी कि गोमिया के बैंक मोड़ स्थित सहारा इंडिया की शाखा में अभी भी निवेशकों से पैसे जमा लिए जा रहे हैं.

गोमिया के सीओ की मौजूदगी में सील हुआ सहारा इंडिया ऑफिस

सीआईडी के इंस्पेक्टर बासुदेव कुमार आर्या ने कहा है कि गोमिया में सहारा इंडिया की शाखा को सील किया गया है. ऑफिस को गोमिया के अंचल अधिकारी आफताब आलम की मौजूदगी में सील किया गया है. इंस्पेक्टर ने कहा कि गुप्त सूचना मिली थी कि इस शाखा में अभी भी पैसे जमा हो रहे हैं.

कर्मचारी बोले- गलतियों में हो रहा था सुधार, पैसों का लेन-देन नहीं

वहीं, ब्रांच में काम करने वाले कर्मचारियों ने कहा कि गृह मंत्री की ओर से निर्देश है कि निवेशकों के पोर्टल पर गलतियों में सुधार किया जाए. वही काम हो रहा था. किसी प्रकार का वित्तीय लेन-देन नहीं हो रहा था.

झारखंड की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

हजारीबाग के इचाक में भी सीआईडी ने की थी छापेमारी

इसके पहले शुक्रवार को हजारीबाग जिले के इचाक में भी सहारा इंडिया के गैरकानूनी तरीके से चलाये जा रहे कार्यालय में छापेमारी की गई थी. सीआईडी के अधिकारियों को यहां फर्जी लेन-देन से संबंधित कई संदिग्ध दस्तावेज मिले थे, जिसे वे अपने साथ ले गए.

बोकारो की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

सेबी ने सहारा इंडिया में डिपॉजिट लेने पर लगा रखी है रोक

ज्ञात हो कि सहारा के घाटे में जाने और तय समय पर ग्राहकों के पैसे नहीं लौटाने की वजह से वर्ष 2022 में सेबी ने कार्रवाई की थी. सहारा इंडिया में पैसे जमा कराने पर रोक लगा दी थी. इसके बाद भी सहारा में काम करने वाले कुछ कर्मचारी और उनके परिजन गलत तरीके से ग्राहकों से जमा करने के नाम पर पैसे ले रहे हैं. सहारा के सॉफ्टवेयर में इसका कोई अता-पता नहीं है.

इसे भी पढ़ें

रांची, धनबाद समेत 8 जिलों में महंगा हो गया पेट्रोल, जानें आज आपको कितने में मिलेगा 1 लीटर पेट्रोल

धनबाद के मधुबन में हिंसक झड़प मामले में 2 पुलिस अफसर सस्पेंड, लगे हैं ये आरोप

11 जनवरी 2025 को यहां मिल रहा सबसे सस्ता सिलेंडर, 14.2 किलो का एलपीजी सिलेंडर आपके शहर में कितने में मिलेगा, यहां देखें

आज धूमधाम से मनेगा दिशोम गुरु शिबू सोरेन का 81वां हैप्पी बर्थडे, हेमंत सोरेन के साथ काटेंगे 81 पाउंड का केक

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >