जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और उपभोक्ताओं की सुरक्षा को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग ने सख्ती शुरू कर दी है. अभिहित अधिकारी सह सिविल सर्जन डॉ एबी प्रसाद की अध्यक्षता में बुधवार को सदर अस्पताल के सभागार में चैंबर ऑफ कॉमर्स और ड्रग्स एसोसिएशन के सदस्यों के साथ बैठक हुई. इसमें खाद्य कारोबारियों को एफएसएसएआई द्वारा चिन्हित अमानक खाद्य पदार्थों की बिक्री और भंडारण तत्काल बंद करने का निर्देश दिया गया.
डॉ एबी प्रसाद ने बताया कि अपर मुख्य सचिव सह खाद्य सुरक्षा आयुक्त के निर्देश पर एफएसएसएआई ने नियमों और विनियमों के उल्लंघन, भ्रामक दावों, मिस लेबलिंग और अमानक निर्माण से जुड़े करीब 115 प्रमुख ब्रांड और खाद्य उत्पादों को चिन्हित किया है.
कारोबारियों को स्टॉक वापस लेने का निर्देश
बैठक में खाद्य व्यवसाय संचालकों, निर्माताओं, पैकर्स, थोक विक्रेताओं, वितरकों, खुदरा दुकानदारों और ई-कॉमर्स संचालकों को चिन्हित उत्पादों का स्टॉक तत्काल वापस लेने और उनकी बिक्री पूरी तरह रोकने का निर्देश दिया गया.
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खाद्य सुरक्षा विभाग ने कारोबारियों से अपने प्रतिष्ठानों में मौजूद खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता, पैकेजिंग और लेबलिंग की जांच करने को कहा है. किसी भी चिन्हित अमानक उत्पाद का भंडारण या बिक्री पाए जाने पर संबंधित कारोबारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
नियम तोड़े तो हो सकती है कार्रवाई
डॉ प्रसाद ने कहा कि निर्देशों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 की धारा 52 और 53 के तहत कार्रवाई की जा सकती है. उन्होंने खाद्य कारोबारियों से नियमों का पालन करने की अपील करते हुए कहा कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाना चाहिए.
बैठक में सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ एनपी सिंह, खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी गुलाब लकड़ा, एमए आलम, पूजा कुमारी, चैंबर ऑफ कॉमर्स के महामंत्री राजकुमार जायसवाल, व्यापारी संघ के अध्यक्ष वैभव समेत खाद्य और दवा कारोबार से जुड़े अन्य सदस्य मौजूद थे.
