चास प्रखंड के पिंड्राजोरा पंचायत में ग्वालाडीह गांव में लगातार हो रही बारिश से तीन ग्रामीणों के कच्चे मकान ध्वस्त हो गये. मकान गिरने से प्रफुल्ल घटवार, समीर गोप और अशोक गोप के परिवारों के सामने रहने का संकट खड़ा हो गया है. घर की मिट्टी की दीवारें ढहने के बाद प्रभावित परिवार टूटे मकान के बचे हिस्से में टिन की चादर और प्लास्टिक लगाकर किसी तरह गुजर-बसर कर रहे हैं.
बारिश के कारण मकानों का अधिकांश हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है. परिवार के सदस्य बचे हुए छोटे हिस्से को प्लास्टिक से ढककर रहने को मजबूर हैं. बारिश होने पर टूटे मकान में पानी घुस जाता है, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ जाती है. प्रभावित परिवारों के पास फिलहाल रहने के लिए कोई दूसरा ठिकाना भी नहीं है.
एकमात्र आशियाना भी बारिश में ढहा
पीड़ित परिवारों ने बताया कि उनके पास रहने के लिए यही एकमात्र मकान था. लगातार बारिश के कारण मकान की मिट्टी की दीवारें कमजोर हुईं और देखते ही देखते घर का बड़ा हिस्सा ध्वस्त हो गया. अब दोबारा तेज बारिश होने पर मकान के बचे हिस्से के भी गिरने का खतरा बना हुआ है.
परिजनों ने बताया कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वे अपने स्तर से नया मकान बनाने की स्थिति में नहीं हैं. टूटे घर के बीच बच्चों और बुजुर्गों के साथ रात गुजारना मुश्किल हो गया है. ऐसे में प्रशासन से जल्द आवास उपलब्ध कराने की मांग की गयी है.
ये भी पढ़ें: जयराम महतो की अग्रिम जमानत पर फैसला टला, 10 सितंबर को होगी अगली सुनवाई; कोर्ट ने मांगी केस डायरी
मुखिया और उप मुखिया ने लिया जायजा
घटना की जानकारी मिलने के बाद पंचायत के मुखिया कृष्ण पद महतो और उप मुखिया राजकुमार गोप मंगलवार को प्रभावित परिवारों के घर पहुंचे. दोनों ने क्षतिग्रस्त मकानों का जायजा लिया और पीड़ित परिवारों से मिलकर उनकी समस्याओं की जानकारी ली.
मुखिया कृष्ण पद महतो ने कहा कि मामले की जानकारी प्रखंड विकास पदाधिकारी को दी जाएगी. प्रभावित परिवारों को जल्द से जल्द आवास उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक पहल की जायेगी. उन्होंने कहा कि बारिश के कारण जिन परिवारों का घर क्षतिग्रस्त हुआ है, उनकी मदद के लिए प्रशासन से आवश्यक कार्रवाई का आग्रह किया जाएगा.
