हाईवे निर्माण से उपजी समस्याओं पर 25 को सांसद करेंगे स्थल निरीक्षण

हाइवे निर्माण से प्रभावित ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान जल्द होगा. सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी 25 सितंबर को परियोजना स्थल का निरीक्षण करेंगे.

बोकारो. वाराणसी-रांची-कोलकाता ग्रीनफील्ड सिक्सलेन हाईवे के निर्माण से प्रभावित ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर गिरिडीह सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी 25 सितंबर को परियोजना स्थल का निरीक्षण करेंगे. इस दौरान प्रभावित ग्रामीणों की प्रमुख मांगों और निर्माण कार्य से जुड़ी समस्याओं का स्थल पर जायजा लिये जाने की संभावना है. एनएचएआई के धनबाद परियोजना कार्यालय ने निर्माण एजेंसी को सांसद के निरीक्षण को लेकर आवश्यक व्यवस्था करने का निर्देश दिया है. एनएचएआई के उपलब्ध परियोजना रिकॉर्ड में लेपो गांव से झारखंड-पश्चिम बंगाल सीमा तक 358.500 से 387.200 किमी का हिस्सा पैकेज-13 के रूप में दर्ज है.

सांसद के प्रस्तावित दौरे को लेकर पेटरवार, कसमार और आसपास के प्रभावित गांवों के ग्रामीणों में उम्मीद जगी है. ग्रामीण लंबे समय से हाईवे निर्माण के कारण उत्पन्न समस्याओं को उठाते रहे हैं. इनमें अंडरपास निर्माण, क्षतिग्रस्त ग्रामीण सड़कों की मरम्मत, लंबित मुआवजा भुगतान, धूल और प्रदूषण से कृषि भूमि व फसलों को होने वाले नुकसान का मुआवजा प्रमुख हैं.

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अंडरपास और सुरक्षित आवागमन की मांग

ग्रामीणों का कहना है कि हाईवे निर्माण के बाद गांवों और खेतों के बीच आवागमन प्रभावित हुआ है. कृषि कार्य और दैनिक जरूरतों के लिए आने-जाने वाले लोगों की सुविधा को देखते हुए विभिन्न स्थानों पर अंडरपास की जरूरत है. ग्रामीणों की मांग है कि स्थानीय आबादी और कृषि गतिविधियों को ध्यान में रखकर सुरक्षित आवागमन की स्थायी व्यवस्था की जाये.

भारी वाहनों से सड़कें क्षतिग्रस्त होने की शिकायत

ग्रामीणों के अनुसार निर्माण सामग्री और छाई आदि ढोने वाले भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से कई ग्रामीण सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं. ग्रामीण इन सड़कों की मरम्मत की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि निर्माण कार्य से जुड़ी आवाजाही के कारण जिन सड़कों को नुकसान पहुंचा है, उनकी मरम्मत की जिम्मेदारी सुनिश्चित होनी चाहिए.

मुआवजा और फसल क्षति का मुद्दा

भूमि अधिग्रहण से संबंधित लंबित मुआवजा भुगतान का मुद्दा भी ग्रामीणों के बीच प्रमुख है. इसके अलावा निर्माण स्थल से उड़ने वाली धूल से आसपास के खेतों और फसलों को नुकसान होने की शिकायत ग्रामीण करते रहे हैं. वे फसल क्षति का उचित मुआवजा और निर्माण क्षेत्र में प्रदूषण नियंत्रण के प्रभावी उपाय की मांग कर रहे हैं.

ग्रामीण सड़क निर्माण की गुणवत्ता और कार्य में कथित अनियमितताओं को लेकर भी सवाल उठाते रहे हैं. उनका कहना है कि हाईवे क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण परियोजना है, लेकिन निर्माण के दौरान स्थानीय लोगों की समस्याओं का स्थायी समाधान जरूरी है.

एनएचएआई ने निर्माण एजेंसी को दिये निर्देश

एनएचएआई के धनबाद परियोजना कार्यालय की ओर से जारी पत्र में सांसद के 25 सितंबर के परियोजना स्थल दौरे की जानकारी दी गयी है. निर्माण एजेंसी एचजी वाराणसी कोलकाता पैकेज-13 प्राइवेट लिमिटेड को निरीक्षण को लेकर आवश्यक व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है.

हालिया रिपोर्ट के अनुसार, 25 सितंबर को प्रभावित ग्रामीणों के आवेदन और संबंधित दस्तावेजों के साथ उपस्थित रहने की भी सूचना दी गयी है. निरीक्षण के दौरान एनएचएआई के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे.

परियोजना भारतमाला के तहत हाइब्रिड एन्युटी मॉडल पर संचालित है. ग्रामीणों को उम्मीद है कि स्थल निरीक्षण के दौरान उनकी समस्याएं सीधे सामने आने के बाद अंडरपास, मुआवजा, सड़क क्षति, प्रदूषण और फसल नुकसान से जुड़े मामलों के समाधान की दिशा में आगे की कार्रवाई होगी.

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लेखक के बारे में

By दीपक सवाल

मैं दीपक सवाल, 1994 से प्रभात खबर से जुड़ा हूं। वर्ष 2011 से 2015 तक बोकारो कार्यालय में स्टॉफ रिपोर्टर के रूप में कार्यरत रह चुका हूं। 2015 से कसमार डेटलाइन से कार्यरत हूं। मेरा संपर्क नंबर : 9431145607

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