चास प्रखंड के खमारबेंदी में इजरी नदी के तट पर परशुराम सेवा समाज बाईसी के तत्वावधान में निर्मित भगवान परशुराम मंदिर और संकट मोचन हनुमान मंदिर में प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर पांच दिवसीय महायज्ञ शुक्रवार को शुरू हुआ. मंदिर परिसर से तेलमच्चो पुल दामोदर नदी तट तक भव्य कलश यात्रा निकाली गयी. इसमें 2100 युवतियां और महिलाएं कलश के साथ शामिल हुईं. जय श्री राम, जय परशुराम और जय हनुमान के जयकारों से क्षेत्र गूंज उठा. दामोदर नदी तट श्रद्धालुओं से पट गया. कलश यात्रा में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए. भीषण गर्मी के बावजूद दामोदर तट से इजरी नदी तट तक श्रद्धालुओं में श्रद्धा और उत्साह दिखा. जगह-जगह सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा सेवा शिविर लगाया था. विभिन्न थानों की पुलिस व ट्रैफिक जवान कलश यात्रा के दौरान आवागमन व्यवस्था बनाये को लेकर सड़क पर तैनात दिखे.
20 अप्रैल तक होगी भागवत कथा
आयोजन कमेटी के सदस्यों ने कहा कि सभी अनुष्ठान आचार्य राघव दास जी महाराज की देखरेख में हो रहे हैं. काशी बनारस से पंडिताें की टोली आयी हैं. शनिवार और रविवार को मंडप पूजन, गणपति पूजन व हवन होगा. सोमवार को हवन व पूजन के साथ मंदिर में शिखर की स्थापना की जायेगी. मंगलवार को देवता पूजन, महाआरती के साथ यज्ञ की पूर्णाहुति होगी. 18 से 20 अप्रैल तक रात में अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कथावाचिका प्राची देवी के मुखारविंद से भागवत कथा का श्रद्धालु आनंद लेंगे. आयोजन कमेटी की ओर से बताया गया कि यह परशुराम मंदिर पूरे झारखंड का सबसे बड़ा मंदिर है, जो बाईसी समाज के लिए गर्व का विषय है.
