युगांतर भारती, दामोदर बचाओ आंदोलन, देवनद दामोदर क्षेत्र विकास ट्रस्ट और नेचर फाउंडेशन के संयुक्त तत्वाधान विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य पर शुक्रवार को सेक्टर-01 अग्रसेन भवन में संगोष्ठी का आयोजन किया गया. मुख्य वक्ता विश्व हिंदू परिषद के पूर्व अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष जगन्नाथ शाही ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता पर्यावरण संरक्षण संबंधी कार्यों में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेते हैं. हम धरती से अलग नहीं है, क्योंकि धरती बचेगा तो भारत बचेगा. भारत ने संपूर्ण विश्व को अपना परिवार मानते हुए ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ का मंत्र दिया है. पश्चिमी देशों का विश्व के प्रति करुणा नहीं रहा है.
10 प्रतिशत भूभाग जल के लिए रखना होगा
मुख्य अतिथि आइआइटी (आइएसएम) धनबाद के प्रो अंशुमाली ने कहा कि अगर पृथ्वी में जीवन बचाये रखना है, तो पृथ्वी के 10 प्रतिशत भूभाग को जल के लिए आरक्षित रखना होगा. इसमें विफल रहे तो संसार में पीने के पानी और अनाज के लिए भीषण हाहाकार मचेगा. रांची से आये विशिष्ट अतिथि युगांतर भारती के अध्यक्ष अंशुल शरण ने कहा कि राजमार्गों के विकास के दौरान पेड़ काटे जाने के मामले में झारखंड का देश में 20वां स्थान है. बीते पांच वर्षों में राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास के लिए लगभग डेढ़ लाख पेड़ काटे गये हैं. पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार या संगठनों की जिम्मेदारी नहीं है. यह हम सबकी साझा जिम्मेदारी है.
गोष्ठी में विषय प्रवेश दामोदर बचाओ आंदोलन के जिला संयोजक सुरेंद्र प्रसाद सिन्हा, स्वागत भाषण जिला सह संयोजक श्रवण कुमार सिंह, धन्यवाद ज्ञापन विक्रम महतो व मंच संचालन शंकर प्रसाद स्वर्णकार ने किया. मौके पर प्रवीण सिंह, राजीव कंठ, ललित सिन्हा, किशना देवी, सोनी श्रीवास्तव, अश्विनी दराद, शिवकुमार श्रीवास्तव, समीर गिरि, भाई प्रमोद, विक्रम महतो, ओम प्रकाश, करमचंद गोप, नित्यानंद प्रसाद, रामाधार सिंह यादव, अवधेश राय सहित अन्य पर्यावरण प्रेमी मौजूद थे.