बच्चों में पढ़ने की आदत विकसित करने और उनके पठन कौशल को मजबूत बनाने के उद्देश्य से जिले के सभी प्राथमिक विद्यालयों में पठन अभियान, मेरे शब्द, मेरी कहानी चलाया जाएगा. झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद के निर्देश पर जिला शिक्षा विभाग ने अभियान को सफल बनाने के लिए सभी विद्यालयों को निर्धारित तिथियों के अनुसार गतिविधियां आयोजित करने का निर्देश दिया है.
8 सितंबर को होगा सामूहिक पठन सत्र
अभियान के तहत 8 सितंबर को सुबह 11 बजे से 11.30 बजे तक जिले के सभी सरकारी विद्यालयों में 30 मिनट का सामूहिक एवं निर्बाध पठन सत्र आयोजित किया जाएगा. इस दौरान छात्र-छात्राओं के साथ शिक्षक, अभिभावक, समुदाय के सदस्य और शिक्षा विभाग के पदाधिकारी भी अपनी पसंद की पुस्तक पढ़ेंगे. अभियान का उद्देश्य विद्यालयों में पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा देना और बच्चों को पुस्तकों से जोड़ना है.
विद्यालयों को देनी होगी रिपोर्ट
शिक्षा विभाग की ओर से विद्यालयों को कार्यक्रम की समय अंकित तस्वीरें और सहभागिता संबंधी विवरण निर्धारित प्रारूप में उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है. इसके माध्यम से अभियान की निगरानी और मूल्यांकन किया जाएगा.
डीईओ ने सहभागिता बढ़ाने पर दिया जोर
जिला शिक्षा पदाधिकारी प्रवीण रंजन ने अभियान को गंभीरता से लेते हुए सभी विद्यालयों में निर्धारित गतिविधियों का समय पर आयोजन सुनिश्चित करने को कहा है. उन्होंने कहा कि बच्चों में पढ़ने की आदत विकसित करना उनकी शैक्षणिक नींव को मजबूत करने के लिए बेहद आवश्यक है.
विद्यालयों में पठन को नियमित गतिविधि के रूप में बढ़ावा देने के साथ-साथ अभिभावकों और समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है. उन्होंने कहा कि अभियान के माध्यम से बच्चों में भाषा दक्षता, समझने की क्षमता और सीखने की रुचि बढ़ेगी, जिससे उनकी समग्र शैक्षणिक प्रगति को बल मिलेगा.
