बोकारो: सरकारी विद्यालयों में बच्चों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए सरकार लगातार भवन, स्मार्ट क्लास, शौचालय, पेयजल और अन्य सुविधाओं पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है. इसके बावजूद जिले के कई सरकारी विद्यालय आज भी बाउंड्री वॉल जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित हैं.
नतीजतन विद्यालय परिसर पूरी तरह खुला रहता है, जहां दिनभर आवारा गाय, भैंस और कुत्तों का जमावड़ा लगा रहता है. रात के समय असामाजिक तत्व परिसर में प्रवेश कर शराबखोरी करते हैं और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाते हैं. कई विद्यालयों में तड़ित चालक, चापाकल, बोरिंग का तांबे का तार सहित अन्य सामान की चोरी हो चुकी है. सड़क किनारे स्थित विद्यालयों में छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी हमेशा चिंता बनी रहती है.
ऐसे में बाउंड्री वॉल का अभाव अब केवल आधारभूत सुविधा का नहीं, बल्कि बच्चों की सुरक्षा और सरकारी संपत्तियों की हिफाजत का भी बड़ा सवाल बन गया है. 25 वर्ष पुराने विद्यालय के पास तबेला. परिसर में मवेशियों का कब्जा.करीब 25 वर्ष पुराने एक राजकीयकृत प्राथमिक विद्यालय की स्थिति काफी चिंताजनक है. विद्यालय के बगल में गाय-भैंस का तबेला है.
बाउंड्री वॉल नहीं होने के कारण दिनभर गाय, भैंस और आवारा कुत्ते विद्यालय परिसर में घूमते रहते हैं. यहां कक्षा एक से पांच तक 145 बच्चे पढ़ते हैं. विद्यालय में दो सहायक शिक्षक, दो सहायक आचार्य और दो पारा शिक्षक कार्यरत हैं. दो भवनों में से एक भवन के दो कमरे जर्जर हो चुके हैं. विद्यालय से तड़ित चालक सहित अन्य सामग्री की चोरी की घटनाएं भी हो चुकी हैं.सेक्टर-5डी के विद्यालय में शराब की बोतलें मिलती हैं.
उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय, सेक्टर-5डी बगीचा टोला में पिछले आठ साल से अधिक समय से बाउंड्री वॉल नहीं है. यह विद्यालय सड़क किनारे स्थित है. कभी यहां 400 से अधिक बच्चे पढ़ते थे, लेकिन अब छात्र संख्या घटकर करीब 20 रह गई है. विद्यालय में केवल एक पारा शिक्षक प्रभारी के रूप में कार्यरत हैं. शिक्षकों के अनुसार परिसर में अक्सर शराब की खाली बोतलें पड़ी रहती हैं, जिन्हें उन्हें स्वयं हटाना पड़ता है. चोरी की घटनाएं भी होती रहती हैं.
माराफारी बाजार टू विद्यालय में चापाकल तक चोरी
सेक्टर-12 हाईवे किनारे स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय, माराफारी बाजार टू वर्ष 2001 से संचालित है. यहां कक्षा एक से आठ तक की पढ़ाई होती है और 126 बच्चे नामांकित हैं. विद्यालय में पांच शिक्षक कार्यरत हैं. इस विद्यालय में बाउंड्री वॉल नहीं होने के कारण हमेशा सुरक्षा का खतरा बना रहता है.
यहां तड़ित चालक चोरी हो चुका है. शौचालय को क्षतिग्रस्त कर दिया गया. चापाकल और बोरिंग का तांबे का तार भी चोरी हो चुका है. शिक्षकों का कहना है कि खुले परिसर के कारण विद्यालय और बच्चों की सुरक्षा करना मुश्किल हो गया है.
सुरक्षा पर उठ रहे सवालअभिभावकों का कहना है कि विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, मध्याह्न भोजन और अन्य योजनाओं पर खर्च हो रहा है, लेकिन सुरक्षा की सबसे बुनियादी व्यवस्था, यानी बाउंड्री वॉल, अब भी कई स्कूलों में नहीं है. उनका कहना है कि चारदीवारी बनने से बच्चों की सुरक्षा के साथ-साथ सरकारी संपत्तियों की चोरी और असामाजिक गतिविधियों पर भी रोक लगेगी.
