गोमिया प्रखंड अंतर्गत कंडेर पंचायत के होन्हें में शनिवार की रात को हाथियों ने उत्पात मचाया. कारीनाथ महतो के घर का दरवाजा और चहारदीवारी तोड़ दिया और गोहाल को ध्वस्त कर दिया. मवेशी तो बच गये, किंतु कई मन धान हाथी खा गये. रीमा देवी, लीला देवी, प्रतिभा देवी, राधा देवी, सरिता देवी, सोगी देवी, प्यारेलाल महतो, जीतू महतो के बारी में आलू की फसल को रौंद दिया. शुक्र मुंडा, यशोदा देवी, लगन महतो, धनपत महतो, चेतलाल महतो, बोधराम महतो, सिकंदर महतो और प्रभु कुमार महतो के घरों में भी कई मन धान और अन्य अनाज खा गये. खेतों में आलू की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया. बाद में हाथी गांव क्षेत्र के जंगल में चले गये. इससे ग्रामीणों में भय व आक्रोश व्याप्त है. काशीनाथ महतो व राजू कुमार महतो ने वन विभाग से अविलंब हाथियों को खदेड़ने की मांग करते हुए प्रभावित परिवारों की सुध लेने का आग्रह किया है.
झुंड की एक हथिनी है आक्रामक, आठ लोगों की है जान
वन कर्मियों के मुताबिक होन्हें जंगल और मकूली टुंगरी में अब 11 हाथियों का जो झुंड सक्रिय है. इसी झुंड ने पिछले चार-पांच दिनों से कुजू वन क्षेत्र में त्राहिमाम मचा रखा था. इस झुंड में शामिल एक हथिनी आक्रामक है. पिछले चार- पांच दिनों में आठ लोगों को इसने मौत के घाट उतार दिया है. वन कर्मियों ने बताया कि शनिवार की रात मकुली टुंगरी के पास गोमिया के हाथी भगाओ दल पहुंचे तो इसी हथिनी ने हमला कर दिया. किसी तरह वन कर्मियों ने स्थिति को संभाला और मशाल जला कर हाथियों को खदेड़ने में जुट गये.
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