रामदास सिंह सरस्वती शिशु विद्या मंदिर मकोली में शनिवार को सप्तशक्ति संगम कार्यक्रम का आयोजन हुआ. मुख्य अतिथि बालीडीह विद्यालय की प्रधानाचार्या गीता मिश्रा, सरस्वती शिशु विद्या मंदिर 9 डी की शिक्षिका सरोज पांडेय और ममता सिंह ने उद्घाटन किया. वक्ताओं ने देश और समाज के विकास में महिलाओं की भूमिका पर प्रकाश डाला. कहा कि महिला मां, बहन, पत्नी और बेटी के रूप में संस्कार, प्रेम और एकता का वातावरण बनाती है. इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं में निहित सात शक्तियों को जागृत करना और उन्हें समाज व राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित करना है. कार्यक्रम में 194 महिलाओं ने भाग लिया. मौके पर विभा सिंह, प्रधानाचार्य गणेश पाल, प्रभा सिंह, दमयंती सिंह, खुशबू कुमारी, पूजा कुमारी, गुड्डी कुमारी, सुनंदनी कुमारी, समिति के अध्यक्ष अखिलेश कुमार सिंह, सचिव छेदी नोनिया, संकुल संयोजक अमित कुमार सिंह, कस्तूरबा सचिव धीरज कुमार पांडेय, प्रधानाचार्या रूमी सरकार, अनपति के प्रधानाचार्य पंकज कुमार मिश्रा, ढोरी के प्रधानाचार्य परमानंद सिंह आदि मौजूद थे.
समाज की रीढ़ है मातृ शक्ति : डाॅ पूजा
बिरसा सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में शनिवार को विद्या विकास समिति के तत्वाधान में सप्तशक्ति संगम कार्यक्रम का आयोजन किया गया. मुख्य रूप से क्षेत्रीय संयोजिका डाॅ पूजा, प्रांतीय संयोजिका रंजना सिंह व एसबीआइ चंद्रपुरा शाखा की प्रबंधक मीनाक्षी उपाध्याय उपस्थित थे. डाॅ पूजा ने कहा कि मातृ शक्ति समाज की रीढ़ है. महिलाओं को अपनी शक्ति को पहचानने की जरूरत है. रंजना सिंह ने कहा कि स्त्री ना सिर्फ घर-परिवार को संस्कारित करती है, बल्कि समाज में चेतना का प्रकाश भी फैलाती है. मीनाक्षी उपाध्याय ने कहा कि आज मातृशक्ति हर क्षेत्र में आगे है. कार्यक्रम में लगभग 300 महिलाओं को विद्यालय परिवार की ओर से अंग वस्त्र देकर स्वागत किया गया. दो महिलाओं को विशिष्ट माता का सम्मान दिया गया. मौके पर प्रधानाचार्या शर्मिला सिंह, शिक्षिका सोनी कुमारी, बरखा त्रिवेदी आदि थीं.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
