JAC Topper News: इस वर्ष छह मई को जब जैक इंटर आर्ट्स का रिजल्ट जारी हुआ, तो कसमार के खैराचातर गांव की रहनेवाली छोटी कुमारी का नाम पूरे राज्य में छा गया. 487 अंक हासिल कर वह स्टेट टॉपर बनी, तो बधाइयों और सम्मान का सिलसिला शुरू हो गया. उसकी पढ़ाई का पूरा खर्च उठाने के कई आश्वासन भी मिले. प्रशासन ने भी उसकी परी पढ़ाई का खर्च उठाने में हरसंभव सरकारी सहयोग का भरोसा दिया था. लेकिन दो महीने बाद वही छोटी आज 16 हजार रुपये के लिए अपनी पढ़ाई शुरू होने का इंतजार कर रही है. रांची महिला कॉलेज में नामांकन हो चुका है, मगर हॉस्टल फीस नहीं जुट पाने के कारण वह कॉलेज जाकर नियमित पढ़ाई नहीं कर पा रही. आइएएस बनने का सपना देखने वाली इस होनहार बेटी के सामने अब गरीबी सबसे बड़ी चुनौती बनकर खड़ी है.
हर महीने लगभग दो हजार रुपये मेस शुल्क देना भी चुनौती
छोटी ने बताया कि उसने रांची महिला कॉलेज में ऑनलाइन आवेदन किया था. 10 जुलाई को कॉलेज जाकर ऑफलाइन प्रक्रिया पूरी की. 1650 रुपये की नामांकन फीस भी काफी मुश्किल से पांच दिन बाद यानी 16 जुलाई को ऑनलाइन जमा कर पायी. अब नियमित पढ़ाई के लिए कॉलेज के हॉस्टल में रहना जरूरी है, लेकिन 16 हजार रुपये हॉस्टल शुल्क (वार्षिक) जमा नहीं होने के कारण वह अब तक हॉस्टल में प्रवेश नहीं ले सकी है. यही नहीं, हर महीने लगभग दो हजार रुपये मेस शुल्क के अलावा किताब, कॉपी और अन्य शैक्षणिक खर्च भी वहन करने हैं. कॉलेज प्रबंधन ने कहा है कि हॉस्टल शुल्क जमा करने के बाद एक फॉर्म भरना है. उसके बाद हॉस्टल में रहने की अनुमति मिलेगी. लेकिन आर्थिक तंगी के कारण फिलहाल उसकी पढ़ाई लटक गयी है. छोटी कुमारी ने कहा कि रिजल्ट आने के बाद कई लोगों ने उसकी पढ़ाई में आर्थिक सहयोग देने का भरोसा दिया था, लेकिन अब तक किसी ने अपना वादा पूरा नहीं किया. वह बहुत निराश है. समझ नहीं आ रहा कि आगे की पढ़ाई कैसे होगी. डर है कि कहीं आइएएस बनने का उसका सपना अधूरा न रह जाये.
बेबस है मोटिया मजदूर पिता
छोटी के पिता भवानीशंकर नायक मोटिया मजदूर हैं. उन्होंने बताया कि इंटरमीडिएट परीक्षा का परिणाम आने से पहले ही उनकी मंझली बेटी की शादी तय हो चुकी थी. शादी में वर्षों की पूरी जमा-पूंजी खर्च हो गयी. अब परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि बेटी के हॉस्टल और उच्च शिक्षा का खर्च उठा सके. उन्होंने कहा कि रिजल्ट आने के बाद बहुत लोगों ने मदद करने का भरोसा दिया था लेकिन आज कोई साथ नहीं है.
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