Bokaro News : कोल इंडिया एपेक्स जेसीएस की बैठक में उठे कई मुद्दें

Bokaro News : कोल इंडिया ऐपेक्स कमेटी की बैठक मंगलवार को कोल इंडिया मुख्यालय कोलकाता में सीआइएल चेयरमैन पीएम प्रसाद की अध्यक्षता में हुई.

बेरमो. कोल इंडिया ऐपेक्स कमेटी की बैठक मंगलवार को कोल इंडिया मुख्यालय कोलकाता में सीआइएल चेयरमैन पीएम प्रसाद की अध्यक्षता में हुई. बैठक में कोल इंडिया के डीपी विनय रंजन,निदेशक मार्केटिंग, निदेशक बिजनेस डेवेलपमेंट, निदेशक वित्त,निदेशक तकनीक,ईडी कॉर्डिनेशन, जीएम एडमिन्ट्रिरेशन, जीएम (ई&टी) उपस्थित थे. वहीं यूनियनों की ओर से रमेंद्र कुमार (एटक),नाथूलाल पांडेय (एचएमएस),के लक्ष्मा रेड्डी (बीएमएस),डीडी रामनंदन (सीटू),और सीएमओएआई से सर्वेश सिंह शामिल थे. जबकि सभी अनुषंगी कंपनियों के सीएमडी वर्चुअल माध्यम से मीटिंग में जुड़े थे . बैठक में प्रबंधन ने एजेंडा के तहत उत्पादन ,उत्पादकता,मशीनों के उपयोग आदि की विस्तृत जानकारी दिया.भविष्य की योजनाओं की जानकारी दिया.बैठक में एटक नेता रमेंद्र कुमार ने र्ट्रिरक्टिेड सर्टिफिकेट होल्डरों के कैरियर ग्रोथ का मुद्दा उठाया,जिस पर प्रबंधन ने कहा झ्र मामले को देख रहे हैं. इसके अलावा ग्रेच्युटी 20 लाख से 25 लाख करने,दुर्घटना अनुकंपा राशि 15 से 25 लाख करने की मांग की गई. बैठक में मेडिकल अनफिट का भी मुदा उठा जिसपर प्रबंधन की और से दिया गया जबाब सकारात्मक नही था.

कोलकर्मियों की पेंशन का भी मामला उठाया

एटक नेता रमेंद्र कुमार ने आज कोलकाता से प्रभात खबर से बातचीत करते हुए कहा कि बैठक में कोलकर्मियों के पेंशन का भी मामला उठाया गया तथा कहा गया कि कोल इंडिया की जबाबदेही है पेंशन को जिंदा रखने की. सीपीआरएमएस पर कोल इंडिया प्रबंधन का रुख सकारात्मक रहा. बैठक में कोल इंडिया की एन्यूटी स्कीम 2020 का भी मामल उठाते हुए कहा कि इसमें जमीन के बदले दिया जाना वाला राशि कम है इसे बढाया जाय. कहा कि जिनका दो एकड से कम जमीन है उन्हें भी समुचित राशि दी जाय. जो लोग नौकरी नही लेना चाहते है उन्हें केटेगरी -वन का वेज दिया जाये. बैठक में कोल इंडिया में कार्यरत ठेका मजदूरों को सालाना बोनस जो 8.33 फीसदी दिये जाने पर सहमति बनी थी इसमें अबतक किनको मिला और किनको नही मिला इसकी भी पूरी सूचि कोल इंडिया प्रबंधन से मांगी गयी. यह भी कहा गया कि कोल इंडिया की हर कंपनी स्तर पर जितनी भी शिकायतें है उनके निराकरण के लिए एक कमेटी का गठन किया जाये. इसके अलावा इम्पलॉयी बेनिफीट जिसे 47 फीसदी से घटा कर 37 फीसदी कर दिया गया है उसे फिर से 47 फीसदी किये जाने की मांग की गई.

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By Prabhat Khabar News Desk

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