चंदनकियारी में लगातार बारिश होने से जनजीवन अस्त-व्यस्त है. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भी जलजमाव की समस्या से जूझ रहा है. अस्पताल परिसर और मुख्य पहुंच मार्ग पर पानी जमा होने से इलाज कराने आने वाले मरीजों के साथ उनके परिजनों और स्वास्थ्यकर्मियों को परेशानी उठानी पड़ रही है. बारिश के बाद अस्पताल परिसर तालाब में तब्दील हो जा रहा है.
रोज पहुंचते हैं सैकड़ों मरीज
सीएचसी में प्रखंड के विभिन्न गांवों से प्रतिदिन सैकड़ों मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं, पर समुचित जलनिकासी की व्यवस्था नहीं होने के कारण परिसर में कई दिनों तक पानी जमा रहता है. मरीजों को गंदे पानी और कीचड़ से होकर अस्पताल तक पहुंचना पड़ रहा है. वार्ड में भर्ती मरीजों के परिजन भी जलजमाव के कारण परेशान हैं.
फिसलन से हादसे का डर
जलजमाव के कारण परिसर में कई जगह मिट्टी और कीचड़ जमा हो गया है. इससे फिसलन की स्थिति बनी हुई है. महिला मरीजों, बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और दिव्यांगों के लिए यह स्थिति ज्यादा जोखिम भरी है. गंदे पानी के बीच फिसलकर गिरने की आशंका बनी रहती है.
अस्पताल से बाहर खड़े करने पड़ रहे वाहन
जलजमाव और कीचड़ के कारण दोपहिया वाहनों के साथ एंबुलेंस और निजी चारपहिया वाहनों के भी फंसने का खतरा रहता है. ऐसे में कई लोग वाहन अस्पताल परिसर के बाहर खड़ा कर पैदल अंदर जाने को मजबूर हैं. पानी जमा रहने से परिसर में गंदगी की समस्या भी बढ़ रही है.
क्या कहते हैं मरीज
नॉडीहा निवासी सुभाष मोदक ने कहा कि बारिश के मौसम में सीएचसी आना काफी कष्टदायक हो जाता है. महिला मरीज शताब्दी देवी ने बताया कि परिसर में पानी जमा रहने से वाहन से आने-जाने में दुर्घटना का डर बना रहता है.
मरीज के परिजन राजू कुमार ने कहा कि जलजमाव की समस्या का स्थायी समाधान जरूरी है. अस्पताल प्रबंधन को जलनिकासी की समुचित व्यवस्था के लिए ठोस कदम उठाना चाहिए.
