Bokaro News : सीसीएल ने पार किया पिछले वित्तीय वर्ष का उत्पादन आंकड़ा

Bokaro News : सीसीएल ने चालू वित्तीय वर्ष 2024-25 के समापन के तीन दिन पूर्व 28 मार्च को अपने गत वर्ष के कोयला उत्पादन के आंकड़े (86.054 एमटी) को पार कर लिया है.

By JANAK SINGH CHOUDHARY | March 29, 2025 11:02 PM

राकेश वर्मा, बेरमो : कोल इंडिया की अनुषंगी इकाई सीसीएल ने चालू वित्तीय वर्ष 2024-25 के समापन के तीन दिन पूर्व 28 मार्च को अपने गत वर्ष के कोयला उत्पादन के आंकड़े (86.054 एमटी) को पार कर लिया है. 28 मार्च तक 86.256 एमटी कोयले का उत्पादन हुआ है. यह सीसीएल के स्थापना काल के बाद से यह अब तक का सबसे ज्यादा उत्पादन है. वित्तीय वर्ष 2023-24 में उत्पादन लक्ष्य 84 मिलियन टन था. चालू वित्तीय वर्ष 2024-25 में लक्ष्य 100 मिलियन टन है. चालू वित्तीय वर्ष के 28 मार्च तक सीसीएल का उत्पादन लक्ष्य 98.731 एमटी था. फिलहाल सीसीएल अपने निर्धारित उत्पादन लक्ष्य से करीब 14 मिलियन टन पीछे चल रही है. मालूम हो कि सीसीएल वर्ष 2007 से कैटेगरी 1 मिनीरत्न कंपनी है. वर्ष 2009-10 के दौरान कंपनी का कोयला उत्पादन 47.08 मिलियन टन पहुंच गया था तथा पेड-अप कैपिटल 940 करोड़ रुपये के विरुद्ध नेटवर्थ 2644 करोड़ रुपया हो गया. वहीं 2023-24 में कुल नेट वर्थ 13585.15 करोड़ का हो गया. सीसीएल की स्थापना (सर्वप्रथम एनसीडीसी लिमिटेड) एक नवंबर 1975 को सीआइएल की पांच सहायक कंपनियों में से एक सहायक कंपनी के रूप में हुई थी. एनसीडीसी (नेशनल कोल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन) के रूप में भारत में कोयला के राष्ट्रीयकरण के प्रारंभ में इसकी घोषणा की गयी थी. एनसीडीसी की स्थापना सरकारी स्वामित्व वाली कंपनी के रूप में अक्टूबर 1956 में हुई थी. प्रारंभ में इसका वार्षिक उत्पादन 2.9 मिलियन टन था. चौथी पंचवर्षीय योजना के अंतिम वर्ष 1973-74 में एनसीडीसी का उत्पादन 15.55 मिलियन टन पहुंचा. कोयला खदानों का दो चरणों में राष्ट्रीयकरण हुआ. प्रथम चरण में 17 अक्टूबर 1971 को कोकिंग कोल का तथा एक मई 1973 में नन-कोकिंग कोयला खदानों का राष्ट्रीयकरण किया गया.

स्थापना काल के समय उत्पादन था सालाना 20-22 मिलियन टन

1975 में सीसीएल की स्थापना के समय इसका कोयला उत्पादन 20-22 मिलियन टन था. उस समय मैन पावर करीब 1.25 लाख था. वर्तमान में मैन पावर लगभग 32 हजार है. अभी ठेका मजदूरों का आंकड़ा सीसीएल प्रबंधन के अनुसार साढ़े चार हजार के आसपास है. मजदूर नेताओं की माने तो यह संख्या 15 हजार से ज्यादा है. वित्तीय वर्ष 2023-24 में हुए कुल कोयला उत्पादन में 60 फीसदी उत्पादन आउटसोर्स के माध्यम से तथा 40 फीसदी उत्पादन डिपार्टमेंटल हुआ है. जबकि 70 के दशक में सीसीएल का सालाना उत्पादन 20-22 मिलियन टन था और इसमें 90 फीसदी उत्पादन डिपार्टमेंटल हुआ करता था. 1998 के बाद से धीरे-धीरे कंपनी के छोटे-छोटे कोयला के पैच आउटसोर्स में दिये जाने का प्रचलन शुरू हुआ था.

पिछले छह वित्तीय वर्षों में सीसीएल का उत्पादन

वित्तीय वर्ष उत्पादन

2018-19 68.72

2019-20 66.89

2020-21 67.59

2021-22 68.85

2022-23 76.087

2023-24 86.06

कोल इंडिया लक्ष्य से 66 मिलियन टन पीछे

चालू वित्तीय वर्ष के 28 मार्च तक कोल इंडिया ने 772.79 एमटी कोयला का उत्पादन किया है. जबकि इस अवधि तक 829.07 एमटी उत्पादन करना था. वहीं चालू वित्तीय वर्ष में उत्पादन लक्ष्य 838 मिलियन टन है. फिलहाल कोल इंडिया अपने लक्ष्य से करीब 66 मिलियन टन पीछे चल रही है.

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