सेक्टर-8 और सेक्टर-12 में खंडहर बन रही बीएसएनएल की दो कॉलोनियां, करोड़ों की सरकारी संपत्ति पर वीरानी

बोकारो में बीएसएनएल की आवासीय कॉलोनियां रखरखाव के अभाव में खंडहर बन रही हैं। करोड़ों की सरकारी संपत्ति पर असामाजिक गतिविधियों का खतरा मंडरा रहा है।

बोकारो. डिजिटल इंडिया और 4जी विस्तार के दावों के बीच बीएसएल टाउनशिप के सेक्टर-8 और सेक्टर-12 स्थित बीएसएनएल के आवासीय परिसर विभागीय उपेक्षा की कहानी बयां कर रहे हैं. कभी कर्मचारियों की चहल-पहल से गुलजार रहने वाले ये सरकारी क्वार्टर आज खंडहर में तब्दील हो चुके हैं. अधिकांश कर्मचारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं या वर्ष 2019-20 में लागू वीआरएस (स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना) के तहत सेवा छोड़ चुके हैं. इसके बाद दोनों कॉलोनियों के अधिकांश क्वार्टर खाली हो गए. वर्षों बीत जाने के बावजूद बीएसएनएल ने न तो इन भवनों के संरक्षण की कोई ठोस पहल की और न ही इनके भविष्य को लेकर कोई स्पष्ट योजना सामने आई है.

वर्षों से नहीं हुई मरम्मत, तेजी से जर्जर हो रहे भवन

सेक्टर-8 और सेक्टर-12 के अधिकांश भवनों का प्लास्टर झड़ चुका है. कई खिड़कियां और दरवाजे टूट चुके हैं. परिसर में झाड़ियां उग आई हैं और जगह-जगह गंदगी फैली हुई है. वर्षों से रखरखाव नहीं होने के कारण भवन लगातार कमजोर होते जा रहे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि अब इन इमारतों में कभी भी हादसा हो सकता है.

असामाजिक तत्वों का अड्डा बनने का बढ़ा खतरा

शाम ढलते ही दोनों कॉलोनियों में सन्नाटा छा जाता है. स्थानीय लोगों का कहना है कि खाली पड़े भवनों में कोई भी आसानी से प्रवेश कर सकता है. इससे चोरी, नशाखोरी और अन्य असामाजिक गतिविधियों की आशंका बनी रहती है. लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई तो भविष्य में कोई अप्रिय घटना हो सकती है.

4 जी सेवा जारी, लेकिन आवासीय परिसर उपेक्षा का शिकार

विडंबना यह है कि सेक्टर-8 स्थित परिसर में बीएसएनएल का 4 जी मोबाइल टावर पूरी क्षमता से संचालित हो रहा है और आसपास करीब 500 मीटर क्षेत्र में नेटवर्क सेवा उपलब्ध करा रहा है. यानी विभाग अपनी दूरसंचार सेवाओं को आधुनिक बनाने में जुटा है, लेकिन उसी परिसर में मौजूद करोड़ों रुपये मूल्य की सरकारी आवासीय संपत्ति उपेक्षा के कारण खंडहर में बदल रही है.

स्थानीय लोगों ने उठाए कई सवाल

स्थानीय नागरिक पूछ रहे हैं कि यदि इन आवासों की अब विभाग को आवश्यकता नहीं है तो इन्हें वर्षों तक यूं ही क्यों छोड़ा गया है? क्या बीएसएनएल इन भवनों को किसी अन्य सरकारी विभाग को सौंपेगा, लीज पर देगा, पुनर्विकास करेगा या फिर ध्वस्त कर नई योजना बनाएगा? शहर के बीच स्थित इन बहुमूल्य परिसरों के भविष्य को लेकर विभाग की ओर से अब तक कोई स्पष्ट रोडमैप सामने नहीं आया है.

जीएम बोले : इन्वेस्टमेंट एंड रिटर्न पॉलिसी पर हो रहा काम

इस संबंध में बीएसएनएल धनबाद के महाप्रबंधक बीके झा ने बताया कि निगम फिलहाल "इन्वेस्टमेंट एंड रिटर्न पॉलिसी" के तहत कार्य कर रहा है. विभाग उन्हीं परिसंपत्तियों पर निवेश कर रहा है, जहां बेहतर उपयोग और आर्थिक प्रतिफल की संभावना है. सेक्टर-8 और सेक्टर-12 स्थित खाली आवासों के संबंध में अंतिम निर्णय बीएसएनएल मुख्यालय के स्तर पर लिया जाएगा.

बड़ा सवाल

सेक्टर-8 और सेक्टर-12 के इन क्वार्टरों का भविष्य क्या है?क्या बीएसएनएल इन्हें पुनर्विकसित करेगा, लीज पर देगा या किसी अन्य सरकारी विभाग को सौंपेगा?या फिर बीएसएल टाउनशिप के बीच स्थित करोड़ों रुपये की यह सरकारी संपत्ति यूं ही खंडहर बनती रहेगी? धर्मनाथ कुमार


प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Dharmanath kumar

Published by: Kumarvishwat Sen

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >