बीएसएल अनाधिशासी कर्मचारी संघ की विभागीय बैठक गुरुवार को यातायात विभाग के लोको शेड में हुई. बैठक में विभाग में कार्यरत कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को यूनियन पदाधिकारियों के समक्ष रखा. पदाधिकारियों ने समस्याओं को नोट करते हुए संबंधित अधिकारियों के संज्ञान में लाकर समाधान की दिशा में पहल करने का आश्वासन दिया.
शेड से लेकर रेस्ट रूम और शौचालय तक की समस्या
कर्मचारियों ने लोको शेड शॉप के शेड के क्षतिग्रस्त होने, मोटरसाइकिल गैरेज के शेड में खराबी और लोको शेड शॉप के रिपेयर रूम से जुड़ी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया. इसके अलावा रेस्ट रूम और शौचालय की सफाई, मेडिसिन रिपीट तथा आश्रितों के लिए टोकन की व्यवस्था समेत कई मुद्दे बैठक में रखे गये.
कर्मचारियों का कहना था कि कई छोटी-छोटी समस्याओं का समय पर समाधान नहीं होने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. बैठक में इन समस्याओं के जल्द निराकरण की मांग की गयी.
यातायात विभाग संयंत्र के लिए धमनी की तरह : हरिओम
बैठक को संबोधित करते हुए यूनियन के महासचिव हरिओम ने कहा कि बोकारो इस्पात संयंत्र के लिए यातायात विभाग शरीर की धमनी की तरह है. जिस तरह धमनी के माध्यम से शरीर के विभिन्न हिस्सों तक रक्त पहुंचता है, उसी तरह यातायात विभाग के माध्यम से संयंत्र संचालन के लिए आवश्यक माल और अन्य सामग्री पहुंचती है. इसके बावजूद विभाग के कर्मियों को बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान होना पड़ रहा है.
उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी समस्याओं को विभागीय प्रबंधन की ओर से लंबे समय तक लंबित रखना उचित नहीं है. सेल कॉरपोरेट प्रबंधन स्तर पर बड़े मुद्दे लंबित हैं, वहीं बोकारो स्टील प्रबंधन के स्तर पर भी स्थानीय मुद्दों का समाधान नहीं हो रहा है. उन्होंने कहा कि यातायात विभाग में भी इसी तरह समस्याओं को लंबित रखा जाना चिंता का विषय है.
उचित मंच पर आवाज उठाने का आह्वान
यातायात विभाग के विभागीय प्रतिनिधि राकेश कुमार ने कर्मचारियों से अपनी समस्याओं के समाधान के लिए उचित मंच पर मजबूती से आवाज उठाने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि शौचालय और रेस्ट रूम जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए भी कर्मचारियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है. इससे कर्मियों में आक्रोश बढ़ रहा है.
बैठक को उपमहासचिव माणिक मुंडा ने भी संबोधित किया. यूनियन पदाधिकारियों ने कर्मचारियों को भरोसा दिलाया कि बैठक में उठाये गये मुद्दों को संबंधित अधिकारियों के समक्ष रखा जायेगा और उनके समाधान के लिए आवश्यक पहल की जायेगी.
