बोकारो स्टील प्लांट (बीएसएल) ने अपने आसपास के परिधीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और कौशल विकास को लेकर कई पहल शुरू की हैं. सीएसआर के तहत संचालित इन योजनाओं में युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करने के साथ महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और जरूरतमंदों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है. प्रबंधन के अनुसार, संयंत्र की प्रगति के साथ आसपास के समुदायों के जीवन स्तर में सुधार भी उसकी प्राथमिकताओं में शामिल है.
400 लाभुकों को एंटी-टीबी किट, सेक्टर-9 में स्वास्थ्य केंद्र
स्वास्थ्य क्षेत्र में बीएसएल की ओर से 400 लाभुकों को एंटी-टीबी किट उपलब्ध करायी जा रही है. वहीं, पिरामल स्वास्थ्य के सहयोग से सेक्टर-9 में ‘सर्व स्वास्थ्य केंद्र’ का संचालन किया जा रहा है. केंद्र के माध्यम से जरूरतमंद लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है.
300 युवाओं को नि:शुल्क प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी
युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करने के उद्देश्य से महेंद्र एजुकेशन प्राइवेट लिमिटेड के सहयोग से 300 युवाओं को नि:शुल्क प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करायी जा रही है. इसके अलावा सीएसआर के तहत संचालित बोकारो दीक्षा और बोकारो प्राइवेट आइटीआइ से प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके दर्जनों युवाओं को प्रतिष्ठित कंपनियों में आकर्षक पैकेज के साथ रोजगार के अवसर मिल चुके हैं.
804 महिलाओं को जलकुंभी से उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण
महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में भी बीएसएल की ओर से लगातार पहल की जा रही है. जलकुंभी से हैंडीक्राफ्ट उत्पाद बनाने के लिए अब तक 804 महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है. इनके तैयार उत्पादों को ‘युक्ता’ ब्रांड के तहत ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बाजार उपलब्ध कराने की तैयारी है. इससे महिलाओं को अपने उत्पादों की बिक्री के लिए बाजार से जोड़ने और आय बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है.
सिलाई, कांथा स्टिच और ब्यूटीशियन का प्रशिक्षण
‘प्रोजेक्ट आध्या’ के तहत 25 महिलाओं को सिलाई का प्रशिक्षण दिया गया है. वहीं, ‘प्रोजेक्ट रचयित्री’ के तहत 25 महिलाओं को कांथा स्टिच, ऑर्गेनिक साबुन निर्माण और ब्यूटीशियन कोर्स का प्रशिक्षण दिया जा रहा है. इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों के जरिये महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है.
बच्चों के पोषण पर भी ध्यान
शिक्षा और पोषण के क्षेत्र में एनडीडीबी फाउंडेशन फॉर न्यूट्रिशन के सहयोग से स्कूली बच्चों के बीच ‘गिफ्ट मिल्क पैकेट’ का वितरण किया जा रहा है. इसका उद्देश्य बच्चों के पोषण स्तर में सुधार के साथ उनके स्वास्थ्य और शिक्षा पर सकारात्मक प्रभाव डालना है.
मदद के साथ स्वावलंबन पर फोकस
बीएसएल प्रबंधन के अनुसार, सीएसआर की इन पहलों का उद्देश्य केवल जरूरतमंद लोगों को सहायता देना नहीं, बल्कि उन्हें कौशल, रोजगार और आत्मनिर्भरता के स्थायी अवसरों से जोड़ना है. स्वास्थ्य सुविधा, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, औद्योगिक प्रशिक्षण और महिलाओं के कौशल विकास जैसी पहलों के माध्यम से स्थानीय समुदाय को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है.
