बोकारो: भारतीय इस्पात उद्योग की बढ़ती मांग व विकसित भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए बोकारो स्टील प्लांट-बीएसएल की बहुप्रतीक्षित ब्राउनफील्ड विस्तार योजना अब वास्तविक आकार लेने जा रही है. लगभग 15,000 करोड़ रुपये से भी ज्यादा के निवेश से प्रस्तावित यह विस्तार केवल उत्पादन क्षमता बढ़ाने की परियोजना नहीं है.
यह बोकारो व झारखंड के आर्थिक भविष्य का नया अध्याय है. इसके अलावा नयी पर्यावरण अनुकूल कोक ओवन बैटरी, 258 किलोमीटर से अधिक लंबाई की आयरन-अयस्क पाइपलाइन परियोजना भी आ रही है.
इस विस्तार के पूरा होने के बाद संयंत्र की उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी. इसके साथ आधुनिक, ऊर्जा दक्ष व पर्यावरण-अनुकूल उत्पादन प्रणालियां स्थापित की जायेंगी. औद्योगिक विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन आज पूरी दुनिया की सबसे बड़ी चुनौती है. बोकारो इस्पात संयंत्र इस दिशा में भी निरंतर कार्य कर रहा है. ऊर्जा दक्षता, जल संरक्षण, अपशिष्ट पुनर्चक्रण, वृक्षारोपण, प्रदूषण नियंत्रण व कार्बन उत्सर्जन में कमी जैसे अनेक क्षेत्रों में संयंत्र ने उल्लेखनीय पहल की है.
आधुनिक पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों के उपयोग से उत्पादन क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने का प्रयास जारी है. देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने वाली अनेक परियोजनाओं, उर्वरक संयंत्रों, पेट्रोकेमिकल उद्योगों व भारी इंजीनियरिंग परियोजनाओं में बोकारो इस्पात ने अपनी गुणवत्ता का प्रमाण दिया है. ऑटोमोबाइल उद्योग के लिए उन्नत इस्पात बीएसएल में बन रहा है.
परियोजना के पूर्ण होने के बाद प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार के हजारों नये अवसर
ब्राउनफील्ड विस्तार योजना की परियोजनाएं अत्याधुनिक तकनीकों पर आधारित होगी, जिससे उत्पादों की गुणवत्ता, प्रतिस्पर्धात्मकता व वैश्विक बाजार में भारत की स्थिति और मजबूत होगी. निवेश का लाभ बोकारो सहित झारखंड के युवाओं को मिलेगा.
निर्माण चरण के दौरान हजारों इंजीनियरों, तकनीशियनों, मशीन ऑपरेटरों, निर्माण श्रमिकों, परिवहन सेवाओं व स्थानीय उद्यमियों को व्यापक अवसर प्राप्त होंगे. परियोजना के पूर्ण होने के बाद भी प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार के हजारों नये अवसर सृजित होंगे.
स्थानीय एमएसएमई, इंजीनियरिंग इकाइयां, मशीन निर्माण, लॉजिस्टिक्स, होटल, व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य व सेवा क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी. विस्तार केवल संयंत्र का नहीं, पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था का होगा.
आधारभूत संरचना के निर्माण में बोकारो द्वारा निर्मित इस्पात का व्यापक उपयोग
यहां उल्लेखनीय है कि प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाखों लोगों की आजीविका बीएसएल से जुड़ी हुई है. आज बोकारो के हजारों स्थानीय उद्योग और सेवा प्रदाता संयंत्र की आपूर्ति श्रृंखला का हिस्सा हैं. इससे झारखण्ड में औद्योगिक पारिस्थितिकी (विकसित हुई है, जिसने राज्य के आर्थिक विकास को नई गति प्रदान की.
यदि भारत के आधुनिक विकास की कहानी लिखी जाए, तो उसमें बोकारो इस्पात संयंत्र का योगदान अनेक महत्वपूर्ण परियोजनाओं में दर्ज मिलेगा. देश के विशाल रेलवे नेटवर्क के विस्तार से लेकर मेट्रो रेल परियोजनाओं तक, ऊर्जा संयंत्रों से लेकर तेल व गैस पाइपलाइनों तक, पुलों, बंदरगाहों, औद्योगिक कॉरिडोरों और आधारभूत संरचना के निर्माण में बोकारो द्वारा निर्मित इस्पात का व्यापक उपयोग हुआ है.
