बोकारो, काल के पंजे से माता बचाओ, जय मां अष्ट भवानी…तू जो दे दे सहारा…सुख जीवन का सारा…तेरे चरणों पे वारू देवी मां…के साथ देवी उपासकों के महापर्व शारदीय नवरात्र के आठवें दिन मंगलवार को दुर्गा पूजा पंडालों में दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी. शाम होते-होते भक्तों की भीड़ की वजह से सड़कों पर जाम की स्थिति हो गयी. भीड़ को संभालने में पुलिस को भी पसीने बहाने पड़े. विभिन्न पंडालों के आसपास मेला भी लगा. जहां खूब खरीददारी हुई. देर रात तक स्टील सिटी गुलजार रही.
महागौरी की पूजा कर मांगा धन-संपदा, सौंदर्य व सौभाग्य
अष्टमी पर मां भगवती के आठवें स्वरूप यानी अष्टांग योग की अधिष्ठात्री देवी महागौरी की पूजा की गयी. देवी महागौरी की कृपा से धन-संपदा, सौंदर्य और सौभाग्य की प्राप्ति होती है. महागौरी सृष्टि का आधार होने के साथ ही अक्षत सुहाग की प्रतीक हैं. उधर, बंगाली समाज के लोगों ने मां की संधि पूजा की. समाज के लोगों ने इसमें 108 दीपक, 108 कमल, 108 आम पत्ती 108 तुलसी पत्ती, 108 बेल पत्ती से शृंगार कर पूजा-अर्चना की. अब दशमी को दर्पण, विसर्जन व सिंदूर दान किया जायेगा.
श्रद्धालुओं ने परिवार के साथ मां के दरबार में लगायी हाजिरी
महाष्टमी तिथि पर मंगलवार को पूजा पंडाल व दुर्गा मंदिरों में मां के जयकारे लगाते रहे. मां को अठवाई चढ़ाने भक्तों की कतार लगी रही. आदिशक्ति को चुनरी व अन्य शृंगार सामग्री अर्पित की गयी. पंडालों में दर्शन करने व आकर्षक झांकियों को निहारने श्रद्धालु रतजगा करते दिखे. आधी रात को भी सड़कों पर ऐसी भीड़ रही कि कई जगहों पर जाम लगता रहा. पूरी रात मेले जैसा माहौल दिखा. चहुंओर दुर्गा माइ की जय…के जयकारे लगते रहे. झालरों से जगमग शहर की रौनक भी देखने लायक थी.
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