Bokaro News : हर परिवार को ऑन व ऑफ फाॅर्मिंग से जोड़ना प्रशासन का लक्ष्य : डीसी

Bokaro News : कृषि, पशुपालन, मत्स्य, सहकारिता, उद्यान व अन्य से संबंधित योजनाओं की समीक्षा, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रत्येक परिवार को उसकी भूमि, संसाधन व कौशल के अनुसार किसी ना किसी आर्थिक गतिविधि से जोड़ने पर जोर.

बोकारो, समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में बुधवार को उपायुक्त अजय नाथ झा ने कृषि, पशुपालन, मत्स्य, सहकारिता, उद्यान आदि से संबंधित योजनाओं की समीक्षा बैठक की. डीसी ने कहा कि जिले के प्रत्येक परिवार को ऑन फाॅर्मिंग (कृषि आधारित गतिविधियां) और ऑफ फार्मिंग (कृषि के बाहर की आजीविका गतिविधियां) से जोड़ना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए आवश्यक है कि प्रत्येक परिवार को उसकी भूमि, संसाधन व कौशल के अनुसार किसी ना किसी आर्थिक गतिविधि से जोड़ा जाये. इससे ना केवल परिवारों की आय में वृद्धि होगी, बल्कि बोकारो को एक समग्र आजीविका मॉडल जिला के रूप में विकसित किया जा सकेगा.

समन्वित व समेकित योजना करें तैयार

डीसी ने कहा कि ग्रामीण विकास व रोजगार सृजन के लिए सभी विभागों को समन्वित और समेकित योजना तैयार करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि अक्सर विभाग अलग-अलग योजनाएं चलाते हैं, जिससे लाभुकों तक प्रभावी परिणाम नहीं पहुंचते. इसलिए अब एकीकृत आजीविका योजना बनाकर सभी विभाग मिलकर कार्य करेंगे.

नवंबर में धान कटनी महोत्सव का होगा आयोजन

डीसी ने कहा कि इस बार जिला प्रशासन नवंबर माह में धान कटनी महोत्सव का आयोजन करेगा. उन्होंने सहकारिता विभाग को इसका नोडल विभाग बताते हुए महोत्सव का विस्तृत प्रारूप तैयार करने तथा महोत्सव की ब्रांडिंग पूरे जिले में करने को कहा. उन्होंने जिला सहकारिता पदाधिकारी को धान क्रय करने के लिए चिन्हित पैक्स की बैठक बुलाकर उनकी सहभागिता सुनिश्चित करने को कहा.

कृषि विभाग को लक्ष्य के अनुरूप प्रदर्शन करने का निर्देश

डीसी ने कृषि विभाग की ओर से संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की. इस क्रम में निर्देशित किया कि वे प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत पंप अधिष्ठापन कार्य में संबंधित एजेंसियों से समन्वय कर कार्य में तेजी लायें. वहीं, डिजिटल क्रॉप सर्वे की धीमी प्रगति पर भी असंतोष जताते हुए जिला कृषि पदाधिकारी को निर्देश दिया कि अधिक से अधिक वीएलई को सर्वेयर के रुप में जोड़ें, ताकि 15 अक्तूबर की निर्धारित समय-सीमा से पूर्व यह कार्य पूर्ण किया जा सके.

मत्स्य विभाग-तालाबों की मैपिंग और केज फिशिंग को दें बढ़ावा

डीसी ने मत्स्य विभाग को निर्देश दिया गया कि जिले के सभी सरकारी तथा निजी तालाबों की भौगोलिक मैपिंग एक सप्ताह के भीतर पूरी की जाये. उन्होंने कहा कि मत्स्य पालन एवं केज फिशिंग जैसी आधुनिक तकनीकों से युवाओं को जोड़ना आवश्यक है. इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आत्मनिर्भरता दोनों को बढ़ावा मिलेगा. डीसी ने कहा कि जिन तालाबों का उपयोग नहीं हो रहा है, उन्हें मत्स्य पालन के लिएचिन्हित कर योजनाबद्ध रूप से मछुआरा समूह को सौंपें.

गोटरी फार्म व महिला उद्यमिता पर विशेष फोकस

बैठक में डीसी ने पशुपालन विभाग को निर्देश दिया कि जिले में गोटरी फार्म स्थापित करने की दिशा में त्वरित कार्यवाही की जाये. उन्होंने कहा कि 10 से 20 किसानों के समूह (क्लस्टर) बनाकर फेडरेशन का गठन किया जाए, जिससे सामूहिक उद्यम को बढ़ावा मिल सके. उन्होंने बताया कि नाबार्ड-विभिन्न बैंकों से वित्तीय सहयोग प्राप्त कर इस योजना को महिला उद्यमिता से जोड़ा जायेगा.

ये थे मौजूद

मौके पर जिला परिषद अध्यक्ष सुनीता देवी, डीडीएम नाबार्ड, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी रवि कुमार, जिला सहकारिता पदाधिकारी रितुराज, जिला कृषि पदाधिकारी मो शाहीद, जिला मत्स्य पदाधिकारी नीलम एक्का, जिला पशुपालन पदाधिकारी डाॅ असीम कुमार, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी अविनाश कुमार सिंह, जिला गव्य पदाधिकारी त्रिदेव मंडल समेत संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >