जैनामोड़, जैनामोड़ आतुर सुसार समिति के तत्वावधान में आदिवासियों के विभिन्न संगठनों की बैठक शनिवार को हुई. इसमें सैकड़ों आदिवासी बुद्धिजीवी, युवा व संगठन के प्रतिनिधि शामिल हुए. जहां कुर्मी व कुड़मी समुदाय के लोगों द्वारा रेल रोको आंदोलन का विरोध किया. अध्यक्षता मरांग बुरु धरमगढ़ के सदस्य पंकज मरांडी ने की. पंकज मरांडी ने कहा कि हर हाल में कुड़मी को आदिवासी बनने नहीं देंगे. अगर कुड़मी रेल रोकने की बात कहता है, तो आदिवासी समाज के लोक पारंपरिक अस्त्र-शस्त्र लेकर पूरे देश में परिचालनों को रोकेंगे. आदिवासी बना नहीं जाता, बल्कि जन्मजात होता है. आजादी के बाद जब संविधान का निर्माण हुआ, तब इनके प्रतिनिधियों ने कभी नहीं कहा कि वे आदिवासी हैं. अजीत मुर्मू ने कहा कि कुड़मी समुदाय के लोग आदिवासी बनते हैं, तो आदिवासियों का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा. जो हम होने नहीं देगें. इसके लिये हम लोगों को जेल भी जाना पड़े तो जाएंगे. मौके पर मनिंदर हेंब्रम, सुरजन मरांडी, रामुराम मरांडी, महेश सोरेन, विनय मुर्मू, फूलचंद मरांडी, कृष्ण किशोर मुर्मू, मिथिलेश मिश्रा, नंदलाल किशोर टुडू, धनी लाल मिश्रा, नरेंद्र मिश्रा, बाबू चांद मुर्मू, जीवन सोरेन, अजीत किस्कू, रीतलाल सोरेन, अजय सोरेन, बाबूलाल हांसदा, बलदेव मुर्मू, जगदीश मुर्मू, सुजीत हेंब्रम, वीरेंद्र हेंब्रम, बिंदेश्वर मांझी, राकेश मुर्मू, खिलाधार किस्कू, रीतलाल सोरेन, अशोक कुमार मुर्मू, राजेश मुर्मू, शंकर मरांडी, तुलसी मरांडी, रामूराम मरांडी, राजेश मरांडी, मनोज हेंब्रम समेत दर्जनों संगठन के सदस्य मौजूद थे.
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