बोकारो, बोकारो स्टील प्लांट (बीएसएल) लगातार देश की प्रमुख परियोजनाओं को मजबूती प्रदान कर रहा है. रेलवे, बिजली, जलविद्युत व सीमा क्षेत्रों से जुड़ी परियोजनाओं के लिए बीएसएल के स्टील उत्पाद देश की विश्वसनीय रीढ़ साबित हो रहे हैं. बीएसएल ने मिजोरम की 51 किमी लंबी बैराबी–सैरांग रेलवे परियोजना के लिए उच्च-गुणवत्ता वाला इस्पात उपलब्ध कराया है. उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 सितंबर को किया था. परियोजना के माध्यम से बीएसएल ने राष्ट्र-निर्माण में अपनी अहम भागीदारी दर्ज करायी है.
पूर्वोत्तर की कनेक्टिविटी जोड़ेगी, भारत को गर्व अहसास करायेगी
बीएसएल का यह योगदान सेल की विरासत को और मजबूत करता है. भारत को आधुनिक अवसंरचना के मार्ग पर अग्रसर करता है. यह परियोजना केवल पूर्वोत्तर की कनेक्टिविटी को नहीं जोड़ेगी, बल्कि पूरे भारत को गर्व का अहसास करायेगी. बैराबी–सैरांग परियोजना सेल की उन ऐतिहासिक उपलब्धियों की कड़ी है, जिनमें चिनाब रेलवे पुल, जीरीबाम-तुपुल-इंफाल ब्रॉड गेज लाइन, अटल सुरंग, बांद्रा-वर्ली सी लिंक, ढोला-सादिया पुल व बोगीबील पुल जैसी परियोजनाएं शामिल हैं.
भारत की अंतर-क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को और मजबूत करेगी परियोजना
बीएसएल सहित सहित स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड-सेल की इकाइयों ने परियोजना के लिए उच्च-गुणवत्ता वाला इस्पात उपलब्ध कराया है. परियोजना भारत की अंतर-क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को और मजबूत करेगी. सेल ने भिलाई से लगभग 10,000 मीट्रिक टन आर-260 ग्रेड रेल की आपूर्ति की. बोकारो, राउरकेला, दुर्गापुर व बर्नपुर इस्पात संयंत्रों से लगभग 5,000 मीट्रिक टन प्लेट, टीएमटी बार व स्ट्रक्चरल स्टील उपलब्ध कराया गया है.
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