बोकारो, समाज के लिए सेवा का भाव बच्चों में अगर शुरू से हीं हो, तो सकारात्मक समाज बन सकता है. गांव के परिवेश में बच्चों के लिए अलग-अलग कार्य सीखना आसान था. लेकिन, शहर में बच्चों को ये चीजें देखने को कम मिलती हैं. चिन्मय विद्यालय हरि सेवा कैंप अच्छी पहल है. इससे अधिक से अधिक बच्चों को जुड़ना चाहिए. ये बातें बोकारो स्टील प्लांट रिफैक्ट्री यूनिट के कार्यकारी निदेशक पीके रथ ने बतौर मुख्य अतिथि कही. मौका था चिन्मय विद्यालय बोकारो में पांच दिवसीय हरि सेवा कैंप का 11वें संस्करण के शुरुआत का. विशिष्ट अतिथि सेंट्रल चिन्मय मिशन ट्रस्ट एजुकेशन सेल की एकेडमिक एडमिनिस्ट्रेटर मीणा श्रीराम ने कहा कि कोई भी सेवा छोटी या बड़ी नहीं होती है. समाज के प्रति सेवा का भाव रखना खुद में बड़ी बात होती है. कैंप से बच्चों का खुद के विकास के साथ सामाजिक तौर पर भी विकास होगा. प्राचार्य सूरज शर्मा ने कहा कि हरि सेवा कैंप के दौरान सभी 100 से अधिक विद्यार्थी सेवा भाव का गुण सीखेंगे. विद्यार्थी को झाड़ू बनाना, गौशाला में सेवा देना, आशालता दिव्यांग केंद्र में सेवा देना, ट्री पेंटिंग आदि कई तरह की गतिविधियां करायी जायेगी. मुख्य अतिथि व विशिष्ट अतिथि की उपस्थिति में स्कूल परिसर में पौधरापण किया गया. साथ ही, आशालता दिव्यांग केंद्र के प्राचार्य प्रमोद दुबे सहित उद्घाटन समारोह में चिन्मय मिशन बोकारो की आचार्या स्वामिनी संयुक्तानंदा सरस्वती, उप प्राचार्य नरमेंद्र कुमार व हेड मास्टर गोपाल चंद्र मुंशी उपस्थित रहे. शिविर में चिन्मय विद्यालय टेल्को जमशेदपुर, चिन्मय विद्यालय राउरकेला, चिन्मय विद्यालय बिष्टुपुर, चिन्मय विद्यालय गुवाहाटी, चिन्मय विद्यालय उत्तर प्रदेश, चिन्मय विद्यालय देवगढ़ व चिन्मय विद्यालय बोकारो के शिक्षक व प्राचार्य उपस्थित थे.
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